मुंबई: शीना बोरा हत्या कांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के पिछले सप्ताह अस्पताल में भर्ती होने की घटना में जांच में आज उस समय नया मोड़ आ गया जब जेल अधिकारियों ने यहां जहर दिये जाने या खुदकुशी के प्रयास की बात खारिज करते हुए दावा किया कि उन्हें न तो दवा की अधिक खुराक दी गई थी और न ही जहर दिया गया था।
जेल महानिरीक्षक बिपिन कुमार सिंह ने कहा, न तो दवा की अधिक खुराक ली गई और न ही जहर दिया गया। उनकी हालत और ज्यादा खराब हो सकती थी क्योंकि उन्होंने थोड़े समय से दवाएं लेना बंद कर दिया था और वह कमजोरी से पीडि़त थीं।
उन्होंने कहा कि इंद्राणी पहले भी कई बार बेहोश हो चुकी हैं। उन्होंने यहां बाइकुला जेल में संवाददाता सम्मेलन में कहा, मेरा यह निष्कर्ष है कि किसी गड़बड़ी या साजिश का कोई सबूत नहीं है। आत्महत्या के प्रयास का भी कोई सबूत नहीं है।
महाराष्ट्र के प्रधान सचिव (गृह) विजय बहादुर सिंह ने मीडिया रिपोर्ट के संदर्भ में कहा कि उनके मूत्र के नमूनों में कोकीन की मात्रा बहुत कम थी। उन्होंने कहा कि कोकीन की मात्रा न के बराबर थी और चूंकि वह अवसाद रोधी और बेचैनी रोधी दवाएं ले रही थीं, यह मूत्र में कोकीन की मात्रा का कारण हो सकता है।
एडीजी (जेल) भूषण कुमार उपाध्याय ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा फलों और सब्जियों में कीटनाशक की मौजूदगी भी इन परीक्षणों में कोकीन की उपस्थिति दर्शाती है। सतबीर सिंह ने कहा, उनके मूत्र में कोकीन की मात्रा 35 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर रक्त थी जबकि सामान्य स्तर 300 नैनोग्राम तक होता है।