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अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर NH पर धारा 144

 Written By: IANS
 Published : Jun 30, 2015 09:21 am IST,  Updated : Jun 30, 2015 09:21 am IST

जम्मू: अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अमरनाथ जाने के लिए यह मुख्य मार्ग है। रामवन के जिलाधिकारी ने सोमवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा

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अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर NH पर धारा 144

जम्मू: अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अमरनाथ जाने के लिए यह मुख्य मार्ग है। रामवन के जिलाधिकारी ने सोमवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी। इसके बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग पर पटनीटॉप से जवाहर टनल तक कहीं भी न तो लोग जुटेंगे और न ही प्रदर्शन कर सकेंगे।

आदेश के मुताबिक, 'निषेधाज्ञा मुस्लिम समाज के त्योहार शाब-ए-कद्र अथवा जुमे की नमाज और ईद पर लागू नहीं होगी।' आदेश के मुताबिक, 'निषेधाज्ञा दो जुलाई से लागू होगी और अमरनाथ यात्रा चलने तक जारी रहेगी।'

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव एल.सी. गोयल ने सोमवार को दक्षिणी कश्मीर के पहाड़ी इलाकों का दौरा किया और यात्रा के सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। गोयल ने रविवार को जम्मू में एक बैठक की अध्यक्षता की थी।

पहली जुलाई की सुबह पहला जत्था जम्मू से बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा के लिए रवाना होगा। अगर मौसम ठीक रहा तो 1 जुलाई की शाम को ही पहले जत्थे के श्रद्धालु करीब 14000 फुट की ऊंचाई पर बनने वाले हिमलिंग के पहले दर्शन करेंगे।

यात्रा में शामिल होने जा रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक 150 से ज्यादा लंगरों की व्यवस्था स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा की गई है। यही नहीं सेना, पैरामिलेट्री और राज्य पुलिस समेत एक लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी करीब 56 दिनों तक लखनपुर से लेकर गुफा तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे रहेंगे।

वैसे रोजाना 15 हजार श्रद्धालुओं को पहलगाम तथा बालटाल के रास्ते यात्रा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। अभी तक करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण करवाया है जबकि 30 जून से ऑन स्पॉट पंजीकरण का ऐलान किया गया है।

जम्मू से लेकर बालटाल तथा पहलगाम तक के यात्रा मार्ग की सुरक्षा को सीआरपीफ के हवाले किया जा चुका है। पहलगाम से गुफा तथा बालटाल से गुफा तक के रास्तों पर सेना और बीएसएफ भी स्थानीय पुलिस का साथ दे रही है। राज्य सरकार के मंत्री से लेकर संतरी तक सभी का ध्यान अब अमरनाथ यात्रा के प्रति ही इसलिए है क्योंकि यह अब धार्मिक से राष्ट्रीय यात्रा का रूप धारण कर चुकी है, जिस कारण आतंकी नजरें भी इस पर टिकी हुई हैं।

आतंकियों के निशाने में होने की वजह से केंद्र की ओर से अतिरिक्त सुरक्षाबलों को अमरनाथ यात्रा मार्ग, गुफा के आसपास के इलाकों और यात्रियों की सुरक्षा की खातिर आधार शिविरों व राजमार्ग पर तैनात किया जा रहा है। अंदाजन एक लाख सुरक्षाकर्मियों को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है। इसमें वे सैनिक शामिल नहीं हैं, जो रूटीन में आतंकवादग्रस्त क्षेत्रों में अपने आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते रहते हैं।

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