नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसदीय कार्यवाही में बाधा डालने के लिये कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नाटकबाज़ी से लोगों की हमदर्दी बटोरना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र को बरबाद कर रही है।
गडकरी आपकी अदालत में रजत शर्मा के सवालों के जवाब दे रहे थे। नेशनल हेराल्ड केस, पी. चिदंबरम के पुत्र और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र के ख़िलाफ़ सीबीआई के छापे से संबंधित प्रश्नों के दवाब में गडकरी ने कहा: "सीबीआई मध्य प्रदेश और राजस्थान ख़ुद हमारी सरकारों के ख़िलाफ़ जांच पड़ताल कर रही है। मैं जानता हूं कि शिवराज जी (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री) बेगुनाह हैं, क्या हमने व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिये? क्या सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई-जांच की प्रगति पर संतोष व्यक्त नहीं किया है? फिर आप कैसे कह सकते हैं कि हम बदले की कार्वाई कर रहे हैं? दरअसल कांग्रेस इस तरह के मुद्दे उठाकर लोगों की हमदर्दी बटोरना चाहती ताकि चुनाव जीत सके और राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सके लेकिन ये मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं, ऐसा कभी नहीं होगा।"
नेशनल हेराल्ड केस पर उन्होंने कहा कि सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। "कांग्रेस ने लोगों से धन जुटाया जो आयकर से मुक्त था, फिर 90 करोड़ रुपये एक ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिये ट्रस्ट ने ये पैसा एक कंपनी को दे दिया जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 36-36 फ़ीसद मल्कियत है और जिसके ऑस्कर फ़र्नाडिस और मोतीलाल वोहरा डायरेक्टर हैं। इसलिये पब्लिक से लिये पैसे से खरीदा नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ की प्रॉपर्टी एक कंपनी के अधीन करना, ये कौन सा न्याय है? क्या ये व्यवहार सीधा है? .ये जुडिशियल मैटर है। सरकार का इसमें कोई दख़ल नहीं है, सरकार का कोई संबंध नही है।
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि सरकार कांग्रेस को धमकाने की कोशिश कर रही है, गडकरी ने कहा, "ख़ुद कांग्रेस के नेता राहुल के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, राहुल गांधी ने एक दस्तावेज़ फाड़ दिया था। वह नाराज़ होने पर सब्र खो देते हैं। मैं तना ही कह सकता हूं कि वह एक बच्चा हैं, अगर वो कोई ग़लती करते हैं तो लोगों को माफ कर देना चाहिये।" गडकरी ने सुब्रमण्यन स्वामी को "योद्धा" बताते हुए कहा कि स्वामी जी ने कई ग़लतियां की होंगी लेकिन उनकी एक ख़ूबी है, वह किसी से डरते नही हैं। उन्होंने कांग्रेस के भ्रटाष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई। उन्होंने ये लड़ाई हमारी पार्टी में शामिल होने के पहले शुरु की थी।"
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के प्रमुख सचिव के ख़िलाफ़ सीबीआई के छापे पर गडकरी ने कहा "हम लोग दबंग नेता हैं, मोदी जी मेरे जैसे हैं। अगर किय़ा होता तो कहते हां हमने किया है। मैंने ख़ुद मोदी जी से बात की। उन्होंने मुझसे कहा कि साल भर हुआ है, मैंने किसी भी केस में CBI को किसी भी प्रकार के निर्देश नहीं दिये और इतना ही कहा है कि आपका कानूनी काम आप कीजिये।"
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर बयान क्यों नही दिया, गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का हर घटना पर बोलना ज़रुरी नही है। लेकिन जब उनको बताया गया कि प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर ट्वीट तक नही किया, गडकरी ने कहा कि प्रधानमंतेरी जी की गरिमा है और प्रधानमंत्री जी बहुत सी ऐसी घटनाओं पर कभी बोलते, कभी नहीं बोलते। पीएस नहीं बोले, या उन्होंने ट्वीट नही किया, तो उस घटना का वो समर्थन करते हैं ऐसा अर्थ निकालना उचित है क्या? प्रधानमंत्री जी से हमारी जब बात हुई, इसके बारे में उन्होंने दुख और दर्द व्यक्त किया और इस घटना के बाद थोड़ी देर होने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त भी व्यक्त की। आप की अदालत आज रात दस बजे डिया टीवी पर प्रसारित होगा। रविवार को सुबह दस बजे भी इसका फिर पर्सारण होगा।