नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के राजनीतिक संकट को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस के हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को एक बार फिर बाधित रही। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाया और राज्यपाल के आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सदन की बैठक विधानसभा के बाहर या एक निजी आवास में कैसे हो सकती है। ऐसा स्वतंत्र भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ है।"
उप-सभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि आजाद के नोटिस पर सभापति विचार कर रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे पर उनके फैसले के बाद ही बहस कराई जा सकती है। जनता दल (युनाइटेड) के सदस्य शरद यादव और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य सीताराम येचुरी ने भी इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सदस्य सभापति की आसंदी के करीब इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सदस्य जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, उस समय वह विधानसभा में ही मौजूद थे। सभापति हामिद अंसारी ने आक्रोशित सदस्यों से सदन को प्रश्नकाल शुरू कराने देने का अनुरोध किया। लेकिन सदस्यों का हंगामा जारी रहा, जिसे देखते हुए उन्होंने अपराह्न् 12.07 बजे सदन की कार्यवाही 30 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।