
- सीबीआई को ये बात भी हजम नहीं हुई की शीना पढ़ाई करने अमेरिका चली गई और ना राहुल, ना पीटर, न मिखाइल, ना अपने नाना नानी या मेट्रो रेल कंपनी के दोस्तों को गुड़-बाय कहा। पीटर भी सीबीआई को ये नहीं समझा पाए की शीना अमेरिका में कहा किसके साथ है और क्यों पीटर ने शीना ने बात करने की कोशिश नहीं की।
- सीबीआई के पास राहुलमुखर्जी, मिखाइल बोरा, वर्ली के टूर कंपनी के मालिक का अहम बयान भी आ गया जिसमें सीबीआई को पीटर की जानकारी के कई अहम हिंट मिले। इन बयानों में भी पता चला की पीटर कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे है और हर किसी से झूठ बोल रहे है।
- श्याम राय आरोपी का कबूलनामा भी सीबीआई के पास पीटर को अरेस्ट करने का अहम हथियार बना। श्याम ने मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत अपना जुर्म कबूल कर शीना की हत्या से जुड़े कई राज़ से पर्दा हटाया। ये बयान काफी अहम एविडेंस साबित हुआ।
- राहुल मुखर्जी का बयान भी खुद के पिता पीटर के खिलाफ गया जिसमे राहुल ने कहा की वो बार बार पीटर को कहते रहे की शीना को गायब किया गया है वो अमेरिका नहीं गई है उससे बात करो, लेकिन पीटर राहुल को डांट कर चुप रहने को कहते रहे।
- मिखाइल बोरा का बयान भी पीटर के खिलाफ गया जिसमे मिखाइल ने भी पीटर को सब पता होगा ऐसा कहा
- पीटर के नौकर, ड्राईवर, वर्ली के कार मालिक पीटर के कम्पनियों के कर्मचारी का बयान भी पीटर के खिलाफ गया
- पीटर के बदलते बयान, जांच में मदद ना करने का रवैया और बात बात में वकील से देख लेने की बात भी सीबीआई के अधिकारियों में शक बढ़ाती गई और इन्द्राणी की गिरफ्तारी 25 अगस्त से 17 नवम्बर यानी 86 दिन तक सीबीआई पिटर के खिलाफ सबूत जुटाती रही, लेकिन पीटर को शक तक नहीं होने दिया, ताकि वो इंडिया से बाहर ना भाग सके और आखिरकार 19 नवम्बर को पीटर को अरेस्ट कर लिया गया।