नई दिल्ली: भारतीय लोगों की एक अजीब आदत है जब बाजार जाते समय मार्केट में या रिक्शा वाला एक रूपया भी ज्यादा मांग लेता है तो हम देते नहीं है लेकिन जब जॉब में या या नई नौकरी में सैलेरी के कम पैसे आपको मिलते है तो हम कंपनी के एचआर से लड़ने लगते हैं। और चाहते हैं कि जितना हम चाहते है हमें उतनी ही सैलरी मिले। भारत में सैलरी को लेकर बातचीत करना बहुत ही मुश्किल होता है क्योंकि यह वैज्ञानिक, अच्छी तरह से प्रलेखित तकनीकी कौशल नहीं है। लेकिन सैलरी के बारे में अच्छे से बातचीत करना आज के समय में बहुत ही जरूरी है। क्योंकि बाजार में जिस प्रकार से महंगाई बढ़ती जा रही है उसके लिए आपके पास ज्यादा पैसे होने जरूरी है।
जब आप नौकरी ढूंढ़ते हैं तो सैलरी के बारे में बात करना बहुत ही अजीब और मुश्किल होता है। लेकिन इस बारे में बात करते समय हमेशा शांत रहना जरूरी होता है और कभी-कभी आपको कम सैलरी में भी मानना होता है क्योंकि आपकी नौकरी में परेशानी आ सकती है।
इंटरव्यू देते जब आए सैलरी की बात तो रखें इन बातों का खास ध्यान
1. एक बाजार सर्वेक्षण करें और तैयार रहे: इंटरव्यू देने से पहले आपको इस विषय में पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए कि बाकी कंपनी इसी पोस्ट के लिए कितनी सैलरी दे रही हैं। लेकिन अगर बाकी कंपनियां आपको कंफ्यूज कर रही हैं तो आप यह देखें कि आपकी तरह ही ज्यादा अनुभव वाले व्यक्ति को कंपनी कितनी सैलरी देती है। इससे आपको यह फायदा होगा कि जब भी आप किसी कंपनी में इंटरव्यू के लिए जाएंगे तो आपको पता होगा कि आपको कितनी सैलरी के लिए बात करनी है।
कभी भी पहले सैलरी की बात ना करें