नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के मुताबिक अब देशभर के निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए छात्रों को एक ही परीक्षा NEET को पास करना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया कि एक सामान्य परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन इसी साल से किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के गुरुवार के फैसले के मुताबिक एक मई को आयोजित होने वाली AIPMT की परीक्षा को NEET का पहला फेज माना जाएगा। वहीं नीट का दूसरा फेज जुलाई में होगा और इसका फैसला 17 अगस्त को आएगा। गौरतलब है कि इससे पहले CBSE और MCI ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वो इसी साल से MBBS और BDS में प्रवेश के लिए NEET की परीक्षा कराने को तैयार है।
1 मई को पहला फेज़ और 24 जुलाई को दूसरा:
केंद्र और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के कार्यक्रम के अनुसार मई में होने वाली ऑल इंडिया पीएमटी परीक्षा को एनईईटी-1 को माना जाएगा और दूसरे चरण को एनईईटी-2 माना जाएगा, जिसका आयोजन 24 जुलाई को होगा और 17 अगस्त को संयुक्त परिणाम घोषित किए जाएंगे।
हालांकि एनईईटी के जरिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के फैसले को तमिलनाडु, कर्नाटक चिकित्सा महाविद्यालयों के संघ एवं सीएमसी वेल्लोर जैसे अल्पसंख्यक संस्थानों ने गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया था। तमिलनाडु ने एनईईटी पर कड़ी आपत्ति जाहिर की और कहा कि राज्य में वर्ष 2007 के बाद से प्रवेश परीक्षाओं की कोई संस्कृति नहीं है।