(आप की अदालत में रजत शर्मा से रूबरू हुए कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया)
नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया टीवी में आप की अदालत शो के दौरान कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस को पुर्नजीवित करने के लिए पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मेहनत के परिणाम अगले एक से दो महीनों में दिखाई भी देने लगेंगे।
‘आप की अदालत’ शो के दौरान जब रजत शर्मा ने सिंधिया से पूछा कि क्या राहुल गांधी अपनी छुट्टियों से लौटने के बाद कांग्रेस के कायाकल्प का ब्लूप्रिंट लेकर आए हैं। इसपर सिंधिया ने कहा, “मेरा मानना है कि उनके दिमाग और दिल में एक ब्लूप्रिंट है। आप इसे एक या दो महीनों में देखेंगे। जाहिर तौर पर बदलाव आएगा।” यह एपिसोड आज रात प्रसारित किया जाएगा।
सवाल- जब वो छुट्टी पर गए थे तो आपने कहा था कि वो ब्लूप्रिंट लेकर लौटेंगे, तो ब्लू प्रिंट कुछ मिला है?
जवाब- मैं समझता हूं कि उनके मस्तिष्क में और उनके दिल में ब्लूप्रिंट बिल्कुल है। आप स्वयं देखेंगे अगले एक और दो महीनों में वो परिवर्तन जरुर आएगा। पार्टी को पिछले साल केंद्र की सत्ता गंवानी पड़ी क्योंकि इसने नीतियों के निर्माण और इसके कार्यान्वयन में कुथ गलतियां की थीं।
सिंधिया ने कहा, “जाहिर तौर पर नीतियों के निर्माण में कुछ खामियां रहीं और इसीलिए हम आज विपक्ष में बैठे हैं। अगर ये कमियां नहीं हुई होती तो कांग्रेस को सत्ता नहीं गवानी पड़ती। अगर हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं तो यह हमें ही नुकसान पहुंचाएगा। हमें इन मुद्दों के बारे में सोचना है।”
सिंधिया ने हालांकि यह भी कहा कि एक सजग विपक्ष होने के नाते अब कांग्रेस का यह दायित्व बनता है कि वो मौजूदा सरकार की खामियों को उजागर करे। उन्होंने राबर्ट वाड्रा को भी बेकसूर बताया। हरियाणा और राजस्थान में अवैध जमीन सौदा मामले में घिरे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के बारे में पूछे जाने पर सिंधिया ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी काम नहीं किया।
उन्होंने कहा, “इस देश के हर नागरिक का अधिकार है कि वो तय करे कि उसका बिजनेस और निवेश मॉडल कैसा होगा। अगर वह किसी कानून का उल्लंघन करता है तो इसे साबित किया जाना चाहिए। केंद्र और राज्य (हरियाणा) दोनों जगह भाजपा की सरकार है। हरियाणा सरकार ने पहले ही जांच समिति बना रखी है। तो उसे जांच करने दें।“
विवादास्पद भूमि अधिग्रहण बिल पर बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि किसानों की जमीन लेने से पहले उनकी स्वीकृति होनी चाहिए और नए कानून में इस खंड के विलोपन में किसानों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि क्या हमें किसानों की मंजूरी के बिना उनकी जमीन हथियानी चाहिए? उनकी सहमित लेने में हर्ज किया है? जब कांग्रेस सत्ता में थी भाजपा के राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज जैसे नेताओं ने भी जोरशोर से विरोध करते हुए कहा था बिना किसानों की सहमति वाला लैंड बिल नहीं आना चाहिए। बीते एक साल में क्या हुआ कि उन्होंने लैंड बिल पर अपना रुख ही बदल दिया?
जब सिंधिया को उन आरोपों के बारे में याद दिलाया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा किसानों से जमीन लेकर उद्योगपतियों को देने जा रही है और पार्टी विभिन्न राज्यों में मुंबई के आधे क्षेत्रफल के बराबर यानी 92,000 एकड़ जमीन पहले ही उद्योगपतियों को सौंप चुकी है, जिससे करीब 5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसका जवाब देते हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक ऐसा लैंड बिल लाई थी जिसने सुनिश्चित किया था कि भविष्य में इस तरह का कोई भी भूमि अधिग्रहण न हो।
सिंधिया ने कहा, “कांग्रेस समेत कई राज्यों में राज्यों में भूमि अधिग्रहीत की गई हैं। हम लैंड बिल पर एक राष्ट्रीय नीति चाहते थे इसलिए हम यह विधेयक लेकर आए, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया।” सिंधिया ने अच्छे दिन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जाइए लोगों से पूछिए कि टमाटर, आलू और प्याज के क्या रेट हैं। क्रूड ऑयल के दाम अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में 60 फीसदी तक बढ़ गए हैं।