नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू से जुडे मुद्दों में सरकार की कार्रवाई का आज राज्यसभा में बचाव किया। एक दिन पहले भी उन्होंने इसी मुद्दे पर लोकसभा में काफी आक्रामक तरीके से सरकार का बचाव किया था।
राज्यसभा में आज इस संबंध में बहुत कम वक्त के लिए हुई चर्चा में उनका जवाब पूरा नहीं हो सका और जब अपने जवाब में स्मृति ने देवी दुर्गा के बारे में आरोपी छात्रों द्वारा जारी किए गए परचे का जिक्र किया, तो विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति की तथा सदन की कार्यवाही उनके जवाब के बीच ही स्थगित कर दी गयी। स्मृति ईरानी जेएनयू में कुछ छात्रों द्वारा महिषासुर शहीद दिवस मनाए जाने और उनसे जुड़े परचे का विस्तार से जिक्र कर रहीं थीं, तो कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि यहां क्या हो रहा है? कांग्रेस सदस्यों ने इस हिस्से को सदन की कार्यवाही से बाहर किए जाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और बाद में आसन के समक्ष आ गए। लेकिन स्मृति अपनी बात कहने पर अड़ी रहीं और कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए यह जरूरी है। उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा कि मंत्री इसे प्रमाणित कर रही हैं और ऐसे में वह क्या कर सकते हैं। हंगामे को देखते हुए उन्होंने मंत्री के जवाब के बीच में ही सदन को कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया।
इसके पहले स्मृति ईरानी ने जेएनयू, हैदराबाद विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं की स्थिति पर आज हुई अल्पकालिक चर्चा का जवाब देते हुए शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण किए जाने के विपक्ष के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार ने एक वाम सांसद की पत्नी को आईसीएचआर में सदस्य नियुक्त किया। इस क्रम में उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार ने एनएसयूआई के एक पूर्व अध्यक्ष को हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया।