कैनिंग (पश्चिम बंगाल): कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकतंत्र एवं बहुलतावाद के लिए खतरा हैं और पहले नहीं हुई चीजों के लिए पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ना दोनों की आदत है। एक चुनावी रैली में सोनिया ने कहा, मोदी और ममता का गठजोड़ बंगाल के लिए खतरा है। ये दोनों ताकतें, घमंड से भरी हुई हैं और लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। मोदी सरकार जिस तरह बर्ताव कर रही है, वह हमारे देश की मूल भावना के लिए खतरा है। यह धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र एवं हमारे देश की सदियों पुरानी धरोहर के लिए खतरा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के लोगों को झूठी उम्मीदें दी थी। उन्होंने कहा, पांच साल पहले, तृणमूल कांग्रेस ने आपको झूठी उम्मीदें देकर और झूठे वादे करके आपके वोट मांगे थे। अब वह आपको आतंकित कर आपका वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्हीं की तरह, मोदी ने भी दो साल पहले सपने दिखाए थे।
सोनिया ने कहा कि जो चीजें नहीं हुईं, उसके लिए पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ना मोदी और ममता की आदत है।
उन्होंने कहा, मोदी जी ने दावा किया कि कांग्रेस ने 60 साल में कुछ नहीं किया। सब कुछ पिछले दो साल में हुआ है। मैं कहना चाहती हूं कि कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाएं बनाईं, लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत किया और देश को हर मामले में आत्मनिर्भर बनाया। कांग्रेस ने शांति एवं भाईचारे का माहौल पैदा किया।
माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजान चक्रवर्ती ने सोनिया के साथ मंच साझा किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि वे उनकी पार्टी और वाम मोर्चा को वोट दें। सोनिया ने कहा, देश में लोकतांत्रिक ढांचा और बुनियादी सिद्धांत खतरे में है। मोदी जी की तरह ममता जी भी कहती रहती हैं कि उनके सत्ता में आने से पहले बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ।
तृणमूल कांग्रेस को समूचे बंगाल को नुकसान पहुंचाने वाली एक सड़ी हुई मछली करार देते हुए सोनिया ने कहा कि पांच साल पहले जब यह सत्ता में आई थी, उसके बाद से अब तक इसने कानून के उल्लंघन को बढ़ावा देकर और बेरोजगारी पैदा कर अपना असली रंग दिखा दिया है। सोनिया ने कहा कि ममता बनर्जी ने पांच साल पहले परिवर्तन लाने का वादा किया था और कांग्रेस ने उनका समर्थन किया था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने अपना रंग बदल लिया और सभी वादे भूल गई हैं। कानून-व्यवस्था नहीं है, कामगार बेरोजगार हो गए हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। यदि उनके वादे के मुताबिक विकास हुआ, तो हालात ऐसे क्यों हैं?
सोनिया ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि मोदी सरकार ने चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है?