खापलांग के तीन बेटे और एक बेटी है, जोकि विद्रोह से दूर बसे हैं।
म्यांमार के हेमी नागा जनजाति के रहने वाले खापलांग ने बचपन में विश्व युद्ध दि्वतीय जैसी घटनाएं देखी है। माना जाता है कि 1964 में नागा डिफेंस फोर्स में वो इन्हीं चीजों से प्रभावित हो कर शामिल हुआ था।
खापलांग ने अपना सफर आगे बढ़ाया और वो पहले वाइस चेयरमैन और इस्टर्न नागा रेव्यूलश्नरी काउंसिल का चेयरमैन बना। जिसे उसने और उसके कुछ साथियों ने मिलकर 1965 में खड़ा किया था।