नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट में अनुसूचित जाति और जनजाति का विशेष ख्याल रखा। उन्होंने इस वर्ग को सक्षम बनाने के लिए स्टैंडअप इंडिया योजना की पहल की है। इस योजना के चलते इस वर्ग के 2.5 लाख लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा साथ ही इन दोनों वर्ग के उद्यमियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/ जनजाति केंद्र स्थापित किया जाएगा।
अरुण जेटली ने अपनी घोषणा में कहा कि उद्योग संघों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की भागीदारी में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति केन्द्र की स्थापना करने का प्रस्ताव है। यह केन्द्र अनुसूचित जाति/जनजाति के उद्यमियों को केन्द्र सरकार की खरीदारी नीति 2012 के अधीन अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए वैश्विक सर्वश्रेष्ठ कार्य विधि अपनाने और स्टैंड अप इंडिया पहल का लाभ उठाने के लिए पेशेवर मदद उपलब्ध कराएगा।
वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति/जनजाति तथा महिलाओं में उद्यमियता को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्टैंड अप इंडिया योजना को मंजूरी देने की भी घोषणा की और बताया कि इसके लिए 500 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए है। इस योजना से प्रत्येक श्रेणी के कम से कम एक उद्यमी के लिए प्रति बैंक शाखा कम से कम ऐसी दो परियोजनाओं को मदद मिलेगी। इस योजना से कम से कम 2.5 लाख उद्यमियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण और कौशल विकास के लिए बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम तथा उस्ताद योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जाएगा।