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पंजाब और हरियाणा में जलाई गई पराली से जहरीली हुई दिल्ली की हवा, केंद्र सख्त

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 28, 2018 10:52 am IST,  Updated : Oct 28, 2018 10:52 am IST

दिल्ली में शनिवार को कुल प्रदूषण का 32 प्रतिशत प्रदूषण पराली जलाए जाने की वजह से हुआ।

Stubble burning from Punjab, Haryana contributed to pollution in Delhi: SAFAR | PTI File- India TV Hindi
Stubble burning from Punjab, Haryana contributed to pollution in Delhi: SAFAR | PTI File

नई दिल्ली: केंद्र संचालित वायु गुणवत्ता तथा मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदूषण में पंजाब और हरियाणा में जलाई गई पराली का भी अत्यधिक प्रभाव रहा। दिल्ली में शनिवार को कुल प्रदूषण का 32 प्रतिशत प्रदूषण पराली जलाए जाने की वजह से हुआ। रिपोर्ट में प्रदूषक पीएम 2.5 के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पराली जलाए जाने का असर सबसे ज्यादा 11 अक्टूबर के बाद से शुक्रवार को देखा गया था। शुक्रवार को कुल प्रदूषण का 36 प्रतिशत प्रदूषण पराली जलाए के कारण हुआ।

‘पराली से होने वाले प्रदूषण में आएगी कमी’

इसमें कहा गया है कि पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने के चलते पीएम 2.5 द्वारा शनिवार को लगभग 32 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि पराली जलाए जाने से होने वाले प्रदूषण में अगले दो दिनों में कमी आएगी। सफर के एक अधिकारी ने कहा,‘रविवार को पराली जलाये जाने के कारण पीएम 2.5 का प्रदूषण 19 प्रतिशत रहेगा। पराली जलाए जाने से सोमवार को पीएम 2.5 द्वारा 15 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया जायेगा।’ पीएम 2.5 (हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर के व्यास से कम आकार वाले सूक्ष्म कण) को पीएम 10 की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है।


पंजाब, हरियाणा में जलाई गई पराली का असर दिल्ली में
अधिकारी ने कहा,‘गुरुवार और शुक्रवार को पंजाब तथा हरियाणा में अधिक पराली जलाई गई जिसके कारण पीएम2.5 से होने वाले प्रदूषण का प्रभाव बढ़ गया।यदि मौसम स्थितियां यही रही तो अगले दो दिनों में प्रदूषण घटेगा। मौसम स्थितियों में हवा की दिशा और तापमान आदि शामिल हैं।’ इस बीच सफर ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण एक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। दिल या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों, वृद्धों और बच्चों के साथ-साथ लोगों से लंबे समय तक या भारी परिश्रम से बचने का आग्रह किया गया है।

शनिवार को बेहद खराब रही हालत
दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चौथे दिन शनिवार को भी बहुत खराब रही। राष्ट्रीय राजधानी के 5 इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर दर्ज किया गया। वहीं, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि त्योहारों में पटाखे फोड़े जाने और उत्तरी राज्यों में खेतों में पराली जलाने के चलते अगले हफ्ते वायु गुणवत्ता की स्थिति और भी खराब हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 350 दर्ज किया। इस मौसम का सबसे अधिक एक्यूआई 361, शुक्रवार को दर्ज किया गया था।

दिल्ली के इन 5 इलाकों में सबसे जहरीली हवा
दिल्ली के 5 इलाकों में शनिवार को प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर दर्ज किया गया। ये इलाके आनंद विहार, द्वारका सेक्टर-8, नरेला, पंजाबी और रोहिणी हैं। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक 434, पंजाबी बाग में दर्ज किया गया। गौरतलब है कि 0 से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’ श्रेणी का, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई ‘गंभीर’ माना जाता है।

प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार हुई सख्त
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से नाराज केंद्र सरकार ने अब कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिए गए निर्देशों का पालन न कराने वाली सरकारी एजेंसियों और प्रदूषण फैलाने वालों पर आपराधिक केस करने का फैसला किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के उपाय करने के लिए बनाई गई टीमों की बैठक के बाद यह फैसला लिया है।

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