नई दिल्ली: राजधानी में खतरनाक स्तर को पार कर रहे प्रदूषण को देखते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने डीजल गाड़ियों पर बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डीजल से चलने वाली SUVs और कार के नए रजिस्ट्रेशन पर तीन से चार महीने के लिए रोक लगाई जाए साथ ही 2000 सीसी के इंजन क्षमता वाली और वो कर्मशियल गाड़ियां जो दिल्ली में प्रवेश करती हैं उन पर लगाया जाने वाला ग्रीन सेस 100 फीसदी बढ़ा दिया जाए।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को दिए अपने फैसले में कहा था कि लाइट ड्यूटी व्हिकल को 700 रुपए और थ्री एक्सल व्हिकल को आगामी एक नवंबर से 1300 रुपए का भुगतान करना होगा। यह राशि टोल टैक्स के अलावा देनी होगी जिसे शहर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वसूलने का फैसला किया गया है।
मुख्य न्यायधीश टी एस ठाकुर की खंडपीठ ने कहा कि कमर्शियल व्हिकल पर पर्यावरण मुआवजा प्रभार (ईसीसी) 100 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। यह उन गाड़ियों के लिए होगा जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दिल्ली की सड़कों का इस्तेमाल करती हैं। अब लाइट ड्यूटी व्हिकल को 1400 रुपए और थ्री एक्सल व्हिकल को 2600 रुपए बतौर ईसीसी दिल्ली में प्रवेश करने पर देने होंगे।
इस पीठ में न्यायधीश ए के सिकरी और आर बानुमथी भी थे जो इस मामले में अंतिम दिशानिर्देश कल यानी बुधवार को जारी करेंगे। तीन घंटे की लंबी सुनवाई के दौरान बेंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि से कहा कि वो प्रदूषण के इस खतरे से निपटने को एक व्यापक और छोटी अवधि का समाधान पेश करें।