
राष्ट्रपति ने 2 सितंबर 2014 को दया याचिका खारिज की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के नये फैसले के मुताबिक याकूब की पुनर्रविचार याचिका पर 3 जजों की खंडपीठ ने विस्तार से सुनवाई करके उसे 9 अप्रैल 2015 को खारिज किया जिसके बाद टाडा कोर्ट ने याकूब मेमन का डेथ वारंट 30 अप्रैल को जारी किया और 30 जुलाई को फांसी की तारीख मुकर्रर की गई। इस बीच याकूब मेमन ने 21 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर किया जिसे तीन जजों की खंडपीठ ने खारिज कर दिया है।
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