1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पाकिस्तान टू पठानकोट: वो सच जो अब तक किसी ने नहीं देखा

पाकिस्तान टू पठानकोट: वो सच जो अब तक किसी ने नहीं देखा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jan 05, 2016 09:30 pm IST,  Updated : Jan 05, 2016 09:47 pm IST

नई दिल्ली: पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हमले से पहले आतंकियों ने जिस एसपी, कुक और ज्वैलर को अगवा किया था उन्होंने कई अहम खुलासे किए। किडनैपर्स ने गुरदासपुर के एसपी सालविंदर सिंह और उनके

pathankot attack
pathankot attack

'मारने-पीटने के बाद SP और कुक को फेंका'

अब तक ये साफ हो चुका था कि आतंकी किसी की हत्या कर चुके है और अगला नंबर इन तीनों का था। इसी बीच गाडी को रोक दिया गया। तीनों ने सोचा कि आतंकी अब उन्हें यही पर गोली मार देंगे। सभी रहम की भीख मांगने लगे लेकिन आतंकियों का प्लान कुछ और था। कुछ देर बाद आतंकियों ने गाड़ी से एसपी और उनके कुक को बाहर फेंक दिया। खून जमा देने वाली सर्दी के बीच दोनों मौत का इंतजार करने को मजूबर थे।

कड़ाके की सर्दी में सड़क किनारे सलविदर को आतंकियों ने फेंक दिया था,जबकि चंद कदमों की दूर पर उनके कुक को। दोनों के हाथ-पैर बंधे हुए थे। लेकिन आतंकी राजेश को अपने साथ लेकर चले गए थे। ऐसा क्यों किया गया ये किसी की समझ से परे था। सलविंदर सिंह किसी तरह अपने हाथ खोलने में कामयाब रहे। वो खड़े हुए तो देखा जख्मी हालात में उनका कुक भी चंद कदमों की दूरी पर दर्द से कराह रहा था, सलविंदर ने उसके हाथ खोले और दोनो जान बचाने के लिए गांव में मदद के लिए भागे। इस दौरान सलविंदर ने अपने दूसरे मोबाइल से पुलिस को वारदात की इत्तला दी।

कार लूट की इत्तला पंजाब पुलिस को मिल चुकी थी लेकिन सलविंदर सिंह की कार और उनका दोस्त किस हाल में था वो जिंदा भी था या नहीं इसकी फिक्र सलविंदर को खाए जा रही थी। वही दूसरी तरफ चारों आतंकी GPS की मदद से अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे।

इसके बाद आतंकियों के कंमाडर ने एसपी सलविंदर सिंह को पकड़कर मारने का हुक्म सुना दिया। तब फौरन आतंकी उस जगह पहुंच गए जहां पर सलविदर को गाड़ी

से फेंका था लेकिन गनीमत रही आतंकियों के पहुंचने से पहले सलविंदर और उनका कुक दोनों वहां से जा चुके थे।

आतंकियों ने काटा गला, मरा समझकर फेंक दिया था

इसके बाद आतंकियों ने कत्ल की नीयत से राजेश का गला काट दिया, जख्म के चलते उसके गले का काफी खून रिस चुका था। किसी तरह वो हिम्मत जुटाते हुए गाड़ी की अगली सीट तक आया। तभी उससे एक बड़ी गलती हो गई,ये गलती उसकी हिम्मत को मौत में बदल सकती है, दरअसल हड़बड़ी में गाड़ी में लगा साइरन का बटन उससे दब गया था। आवाज सुनते ही राजेश की हालात और बिगड़ गई। किसी तरह वो गाड़ी छोड़कर भागने लगा ये तब था जब राजेश की गर्दन से तेजी से खून बह रहा था।

किसी तरह दर्द से तड़पते राजेश को घंटों इंतजार के बाद अस्पताल में दाखिल कराया गया। उसके गर्दन पर 40 टाकें लगाने पड़े, गनीमत रही कि वो जिंदा बच गया। लेकिन 31 दिसंबर की उस काली रात को वो जीते-जी कभी नहीं भूलेगा। क्योंकि उस रात सलविंदर, राजेश और मदन का 4 खूंखार आतंकियों से सामना हुआ था,जिन्होंने एयरबेस पर आतंकी हमले को अंजाम दिया।

सवाल ये उठ रहे हैं कि जो दशहतगर्द आंख मूंदकर निहत्थे मासूम लोगों पर गोलियां बरसाने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने आखिर एसपी सालविंदर और उनके रसोइये को छोड़ कैसे दिया ? उनके वार से एसपी के दोस्त राजेश वर्मा बच कैसे गए ? शायद उन दहशतगर्दों को बड़ा टार्गेट पूरा करने की जल्दी थी। शायद वो जल्द से जल्द पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन पहुंच जाना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने रास्ते में मिलने वाले तीन लोगों को सिर्फ जरिए की तरह इस्तेमाल किया। हालांकि इस पूरी कहानी की हकीकत तो जांच के बाद ही सामने आएगी।

अगली स्लाइड में देखिए आतंकी कब्जे में रहे SP का सच क्या ?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत