
पैरामिलिट्री फोर्स में निम्नलिखित दल शामिल होते हैं...
असम रायफल्स: असम रायफल्स में 50,000 जवान तैनात रहते हैं। इस दल को भारतीय सेना के अधिकारी नियंत्रित करते हैं हैं और वो सीधे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं।
स्पेशल फ्रंटियर फोर्स: इस दल में करीब 10,000 जवान तैनात रहते हैं। इसे भी भारतीय सेना के अधिकारी संचालित करते हैं और वो सीधा भारतीय खुफिया विभाग को रिपोर्ट करते हैं।
इंडियन कोस्ट गार्ड: इस दल में करीब 10,000 जवान तैनात रहते हैं। इनकी तैनाती 29 स्टेशनों पर होती है और इन्हें भारतीय नेवी का कोई अधिकारी संचालित करता है। इनकी रिपोर्टिंग सीधे-सीधे गृहमंत्रालय को होती है। भारत सरकार के रक्षामंत्रालय और पैरामिलिट्री पर्सनल्स के वेबपेज के मुताबिक कोस्ट गार्ड का सीधा नाता डिफेंस से होता है।
ये सभी पैरामिलिट्री फोर्स राष्ट्रीय आपदा, आतंकवादी हमलों और कानून एवं व्यलस्था को बनाए रखने जैसे मसलों पर सेना के सहयोग से काम करती हैं। इन पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा एक अन्य तरह की फोर्स भी काम करती हैं जिसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) कहा जाता है। सीआरपीएफ के तहत शामिल होते हैं:
रैपिड एक्शन फोर्स (RAF): ये ऐसा दल होता है जिसमें दस बटालियन सांप्रदायिक हिंसा जैसे हालात पर काबू पाने के लिए प्रशिक्षित की जाती हैं।
कड़ी कार्रवाई के लिए कमांडो बटालियन (कोबरा): इस दल में भी 10 बटालियन काम करती हैं जो नक्सल प्रभावित इलाकों में हालात को नियंत्रित रखने के लिए प्रशिक्षित की जाकी हैं।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ): सीमा सुरक्षा बल का भारत का प्रमुख अर्द्धसैनिक बल है। साथ ही यह विश्व का पांचवां सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है। इसका काम अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF): यह विश्व के सबसे बड़े औद्योगिक सुरक्षा बलों में से एक है। सीआईएसएफ देशभर में सार्वजनिक क्षेत्रों के विभिन्न उपक्रमों को सुरक्षा प्रदान करता है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP): भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों की तैनाती चीन के सीमावर्ती इलाकों में लद्दाख के कराकोरम पास से अरूणांचल प्रदेश के दिपू ला तक होती है। यह कुल 2488 किलोमीटर का क्षेत्र है।