नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल टैक्सी में एक महिला यात्री के साथ बलात्कार और गला दबाने का प्रयास करने के मामले में दोषी करार दिये गये उबर कैब के ड्राइवर शिवकुमार यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में 32 वर्षीय शिव कुमार यादव को दोषी ठहराने वाली अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बवेजा ने आज सजा पर दलीलें सुनकर आदेश जारी किया हैं।
अदालत ने 20 अक्तूबर को यादव को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (2::एम::बलात्कार के दौरान चोट पहुंचाना, जिंदगी खतरे में डालना), 366 (शारीरिक संबंध बनाने के इरादे से अपहरण), 506 (आपराधिक धमकी) और 323 (चोट पहुंचाना) के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया था। बलात्कार के दौरान महिला की जिंदगी खतरे में डालने के अपराध में न्यूनतम 10 साल के सश्रम कारावास और अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने 99 पृष्ठों के अपने फैसले में कहा कि चालक ने पीड़ित के शरीर में लोहे की छड़ घुसाने की धमकी दी और उसे 16 दिसंबर 2012 के सामूहिक बलात्कार की दर्दनाक घटना की याद दिलाई। अभियोजन के अनुसार, यह घटना पिछले साल पांच दिसंबर की रात की है जब गुडगांव में काम करने वाली महिला इंदरलोक स्थित अपने घर लौट रही थी।
आरोपी उबर कैब के चालक शिव कुमार यादव को सात दिसंबर 2014 को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था।