नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को उबेर दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए कैब चालक शिव कुमार यादव को सजा सुनाए जाने पर फैसला तीन नवंबर तक के लिए टाल दिया। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उसे अदालत में पेश करने में असमर्थता जताई, जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने दोषी को मिलने वाली सजा पर जिरह टाल दी और मामले की सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय की।
पुलिस 26 अक्टूबर को होने वाली भारत-अफ्रीका शिखर वार्ता की तैयारी में व्यस्त
तिहाड़ कारागार के अधिकारियों ने अदालत को बताया कि पुलिसबल यहां 26 अक्टूबर को होने वाली भारत-अफ्रीका शिखर वार्ता की तैयारी में व्यस्त हैं, जिसके कारण दोषी ड्राइवर शिव कुमार यादव को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सकता।
कैब चालक पर दुष्कर्म करने औऱ चोट जानबूझकर पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप
उबेर कंपनी के कैब चालक को एक महिला से दुष्कर्म, अपहरण, उसे गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने, जानबूझकर चोट पहुंचाने और उसकी जान खतरे में डालने सहित अन्य गंभीर मामलों में मंगलवार को दोषी ठहराया गया था।
पीड़ित महिला ने घर जाने के लिए मंगवाई थी कैब
पुलिस के मुताबिक, पांच दिसंबर, 2014 की रात गुड़गांव में एक कंपनी में कार्यरत युवती ने दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर जाने के लिए एप्लीकेशन सर्विस के जरिये उबेर कैब कंपनी की एक कार किराये पर मंगवाई थी। उसी दौरान चालक कैब को एक निर्जन स्थान पर ले गया और महिला के साथ दुष्कर्म किया।