श्रीनगर: उधमपुर में पेट्रोल बम हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद जान गंवाने वाले खलासी को आज दक्षिण कश्मीर स्थित पैतृक गांव बातेनगू में सुपुर्द-ए-ख़ाक़ कर दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को कब्रिस्तान तक ले जाए जाते समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जाहिद अहमद के शव को उनके आवास से अंतिम नमाज के लिए ले जाया गया और बाद में गांव के प्राचीन कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
एक युवक ने अंतिम संस्कार से पहले निकाली गई शव यात्रा के दौरान पाकिस्तान का झंडा पकड़ा हुआ था। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते शव यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से गुजर गयी।
अधिकारी ने कहा कि अनंतनाग पुलिस चौकी क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दे दी गई ताकि लोग जनाजे की नमाज में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी तक हिंसा की कोई खबर नहीं है।
बम हमले में गंभीर रूप से घायल जाहिद की कल मौत होने के बाद बुलाई गई हड़ताल को देखते हुए अधिकारियों ने आज कश्मीर के 8 इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए थे और कई अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और बिजबहेड़ा पुलिस थाना क्षेत्रों में लोगों के आवागमन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
कल घाटी के कई इलाकों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद ये प्रतिबंध सुरक्षात्मक उपाय के तौर पर लगाए गए हैं।
केबिनेट ने किया निंदा प्रस्ताव पारित
ट्रक पर पेट्रोल हमले की निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर केबिनेट ने आज एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव पारित करने के साथ ही केबिनेट ने राज्य के लोगों द्वारा शांति बनाए रखने की सराहना की।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, केबिनेट ने एक स्वर से प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इसके बाद दिवंगत आत्मा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
केबिनेट ने मृतक युवक के परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और 5 लाख रूपए की अनुग्रह राशि देने के लिए भी मंजूरी दी।
प्रवक्ता ने कहा कि केबिनेट ने दुख की इस घड़ी में शांति बनाए रखने के लिए राज्य के लोगों की सराहना की।