हैदराबाद: तेलंगाना के नालगोंडा जिले में सोमवार को कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच विचाराधीन कैदियों में से एक की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। बाकी चार अन्य शवों को बुधवार रात कड़ी सुरक्षा के बीच दफनाया दिया गया। उत्तर प्रदेश निवासी इजहार खान(33) का शव वारंगल शहर के सरकारी एमजीएम अस्पताल में रखा गया है, जहां बुधवार को बाकी कैदियों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ था। इजहार के रिश्तेदार गुरुवार को लखनऊ से यहां पहुंच सकते हैं।
विक्वर अहमद और तीन अन्य कैदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच हैदराबाद के अलग-अलग श्मशानों में दफनाया गया है।
किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहर के कई हिस्सों में भारी मात्रा में पुलिसकर्मी, अर्धसनिक रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात है।
मृतक कैदियों विक्वर (33), सैय्यद अमजद(27), व जाकिर (35) हैदराबाद के रहने वाले थे, जबकि मोहम्मद हनीफ (37) गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला था।
पांचों कैदी दो पुलिसकर्मियों की हत्या और कुछ अन्य मामलों में विचाराधीन थे।
पुलिस का कहना है कि उन्होंने पुलिस से हथियार छीनने और भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस उन पर गोलियां चलाने को विवश हो गई।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, कैदियों पर कम दूरी से गोलियां चलाई गई थीं। सभी को पांच-से आठ गोलियां मारी गई थीं।
विक्वर और उसके चारों साथियों को 2010 में गिरफ्तार किया गया था। वह 'तहरीक गाल्बा-ए-इस्लाम' नाम के गिरोह से विभिन्न राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता था।