नई दिल्ली: वाराणसी में मुस्लिम समुदाय के एक तबके ने कहा है कि वे आगामी मुहर्रम के मौके पर गंगा नदी में ताजिया प्रभाहित नहीं करेंगे और हाई कोर्ट के आदेश को पालन करेंगे।
जिला सूचना कार्यालय ने एक बयान में कहा कि आदमपुर थाना क्षेत्र में 11 ताजियादार (आयोजक) इस बार नदी में ताजिया प्रभावित नहीं करेंगे।
गंगा में मूर्तियां एवं दूसरी सामग्री प्रवाहित नहीं करने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए इस मुस्लिम वर्ग ने फैसला किया है कि वे यहां के लटसरैया कर्बला में ताजिया दफन करेंगे।
मुस्लिम महिलाओं ने हाथ में तुलसी-गंगाजल लेकर गंगा सफाई की ली शपथ

इससे पहले अस्सी घाट पर गुरूवार को मुस्लिम महिला फाउंडेशन ने दर्जनों मुस्लिम महिलाओं के साथ गंगाजल और तुलसी की पत्ती हाथ में लेकर गंगा की स्वच्छता के लिए एक मुहिम चलाने का संकल्प लिया।
संकल्प लेने वाली महिलाओं ने कहा कि गंगा की सफाई बहुत जरूरी है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों ने इसके लिए कुछ नहीं कर रहीं।
मुस्लिम महिलाओं ने पर्यावरण के लिए तुलसी और मां गंगा को लेकर शपथ ली है, जो आज तक के इतिहास में कभी नहीं हुआ। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की मेंबर शबनम बीबी ने बताया कि मां गंगा सभी धर्मों को जोड़ती हैं। गंगा की सफाई के लिए सभी धर्मों की महिलाओं को आगे आना चाहिए।
अस्सी घाट से ही पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी। इसलिए गंगा को बचाने अभियान यहीं से शुरू किया गया है।