नई दिल्ली: हरियाणा में हो रहे जाट आरक्षण का असर सोमवार को दिल्ली में भी महसूस किया गया और पानी की आपूर्ति बंद हो जाने के कारण यहां भारी जल संकट पैदा हो गया। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पानी की राशनिंग करने और कल सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद स्थिति को गंभीर बताया और लोगों से अपील की कि वे जहां तक संभव हो, पानी का समझदारी से उपयोग करें।
दिल्ली जल बोर्ड ने कहा कि जाट आंदोलन के कारण हरियाणा के मुनक नहर से पानी की आपूर्ति बाधित होने से शहर के नौ जल शोधन संयंत्रों में से सात बंद हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता पर विचार करते हुए दिल्ली सरकार ने शनिवार रात उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में दिल्ली सरकार ने मुनक नहर से बिना किसी बाधा के जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र को हस्तक्षेप करने का निर्देश देने का न्यायालय से अनुरोध किया। उच्चतम न्यायालय इस मुद्दे पर सुनवाई करने पर सहमत हो गया है। दिल्ली सरकार के आदेश से राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री और प्रधान न्यायाधीश के आवासों, रक्षा प्रतिष्ठानों और अस्पतालों को बाहर रखा गया है।
केजरीवाल ने कहा कि वह सभी से पानी का समझदारी पूर्वक इस्तेमाल करने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका आवास और कार्यालय भी पानी की राशनिंग के तहत आएगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पानी के संकट के कारण सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे और परीक्षाएं तथा दाखिला प्रक्रिया स्थगित रहेगी। उन्होंने कहा, ऐसी आशंका है कि सोमवार को सुबह पानी की आपूर्ति नहीं होगी और दिल्ली सरकार ने निजी सहित सभी स्कूलों को कल बंद रखने का आदेश दिया है। सिसोदिया ने कहा कि कल स्थिति की समीक्षा की जााएगी और उसके बाद आगे के बारे में फैसला किया जाएगा।