
गुरु से ज्ञान लेने में भी कभी न शर्माएं-
अच्छा स्टूडेंट वही माना जाता है जो अपने गुरु से ज्यादा से ज्यादा ज्ञान ले ले। लेकिन कुछ विद्यार्थी अपने गुरु से ज्ञान लेने और कुछ पूछने में शर्म करते हैं तो ऐसे छात्र हमेशा अज्ञानी ही रह जाते हैं और उन्हें कभी भी ज्ञान नहीं मिल पाता है। इसलिए चाणक्य का कहना था कि किसी भी अच्छे विद्यार्थी को गुरु से ज्ञान लेने में नहीं शर्माना चाहिए।
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