नई दिल्ली: ‘सियासत ने खींच दीं जमीनों पर दो लकीरें, नफरत की एक आग में कभी हिंदुस्तानी तो कभी पाकिस्तानी झुलसते हैं।’ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के चलते भारत का हर बाशिंदा पाकिस्तान और पाकिस्तानियों से नफरत करता है। क्वेरा डॉट कॉम पर छपी एक खबर के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई है कि कौन किसके बारे में क्या सोचता है और कौन कैसा है।
नियाज अहमद नाम के एक शख्स ने इस बहस में अपनी राय रखते हुए लिखा, “मेरे जेहन में लंबे समय से यह सवाल कौंध रहा है और मैं बेसब्री से इस सवाल का जवाब तलाश रहा हूं। सरबजीत और सनाउल्लाह की मौत के बाद मैं पाता हूं कि मैं इसका जवाब देना चाहता हूं। मैं अक्सर सोचता हूं कि मैं कुछ जवाबों से सहमत नहीं हो सकता, उनमें से मैं कुछ को पसंद नहीं करता। लेकिन तब मुझे अहसास होता है कि यह जवाब नहीं है कि मेरे साथ कुछ समस्या है, लेकिन यह अपने आप में खुद एक सवाल है। तो मैं भी इसी तरह के सवालों की तलाश में हूं जैसे कि भारतीय मुसलमान यूएई के बारे में और कतर के बारे में कैसा सोचते होंगे। भारतीय हिंदू नेपाल और बर्मा के बारे में कैसा सोचते होंगे। जब मैं पाता हूं कि मेरे सवाल इस जैसे नहीं थे तो मैं थोड़ी राहत पाता हूं और थोड़ा असहज हो जाता हूं, लेकिन एक सवाल। तो यह सवाल यहां क्यों है? क्या हम क्षमाप्रार्थी हैं या हमें अपनी देशभक्ति साबित करनी है। अगर मुझे इस सवाल का जवाब देना हो तो मुझे लगता है कि मुझे कुछ और सवाल करने हैं, मसलन हिंदुस्तान के हिंदू पाकिस्तान के बारे में कैसा सोचते हैं?, भारत के मुसलमान भारत के बारे में क्या सोचते हैं? पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भारत के बारे में क्या सोचते हैं? साथ ही हिंदुस्तान के हिंदू हिंदुस्तान के बारे में क्या सोचते हैं?...
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