नई दिल्ली: भारत को कई दशकों तक जिस तकनीक से दूर रखे जाने की कोशिशें होती रहीं, उसी बेहद जटिल तकनीक में देश के वैज्ञानिकों ने महारत हासिल कर ली है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देश के सबसे ताकतवर क्रायोजेनिक इंजन का 800 सेकंड तक सफल परीक्षण कर लिया।
इस क्रायोजेनिक इंजन के जरिए इसरो अपने अगली पीढ़ी के रॉकेट जियो-सिन्क्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क III (जीएसएलवी - मार्क III) का प्रक्षेपण कर सकेगा।
.....तो क्या होता है क्रायोजेनिक इंजन ?
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