
9. पति-पत्नी ध्यान रखें ये बातें
व्यक्तियों को कहा जाता है कि वो इस दौरान ब्रहमचर्य का पालन करें और शारीरिक सुख ना भोंगे क्योंकि इस दौरान गर्भधारण की संभावना भी होती है। वैज्ञानिक भी इस पीरयड को बच्चे के लिए सही नहीं मानते हैं क्योंकि इस दौरान लड़कियां और महिलाएं काफी पूजा-पाठ और व्रत करती हैं जिसके कारण उनकी सेहत पर असर पड़ता है, वो आंतरिक रूप से मजबूत नहीं हो पाती हैं। ऐसे में अगर वो गर्भधारण करती हैं तो होने वाला बच्चा काफी कमजोर हो सकता है इसलिए कहा जाता है कि सावन के महीने के दौरान पति-पत्नि वैवाहिक सुख ना लें। वैसे धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि सावन में सहवास करने से लोक ही नहीं परलोक भी बिगड़ जाता है।