नई दिल्ली : बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने रविवार को दावा किया कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण का काम इस साल के अंत होने से पहले शुरू हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अयोध्या में विवादास्पद स्थल पर मंदिर के निर्माण का पथ उच्चतम न्यायालय के अंतिम निर्णय से प्रशस्त होगा।
स्वामी ने 'श्रीराम जन्मभूमि मंदिर: उभरता परिदृश्य' विषय पर आयोजित सेमिनार के दूसरे एवं आखिरी दिन यह बात कही। इस सेमिनार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में कडी सुरक्षा के बीच अरूंधति वशिष्ठ अनुसंधान पीठ ने आयोजित किया है। इस अनुसंधान संगठन का गठन दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंघल ने किया था।
स्वामी ने कहा, 'राममंदिर मामले में अदालत में विजयी होने पर मथुरा के कृष्ण मंदिर और काशी विश्वनाथ में बनवाएगें। हम आसानी से जीत जाएंगे क्योंकि सबूत बिल्कुल स्पष्ट हैं। यह अधिक कठिन मामला है।
स्वामी कहा कि अयोध्या में सरयू नदी के पास एक और मस्जिद बन सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह बाबर के नाम पर नहीं होगी।
बीजेपी नेता स्वामी ने ट्वीट में पर कहा,' हम श्री कृष्ण की तरह हिंदू-मुसलमानो के सामने एक प्रस्ताव पेश करते है। हमें 3 मंदिर दे दो और 39997 मस्जिदें अपने पास रखिए। साथ ही हमें उम्मीद है कि मुसलमान नेता दुर्योघन की तरह नहीं करेगे।
और पढ़ें
महाभारत में भगवान कृष्ण ने शांति बनाये रखने और युद्ध को टालने के लिए प्रस्ताव दिया था कि यदि हस्तिनापुर पांडवों को पांच गांव भी दे देगा तो वे संतुष्ट हो जाएंगे और कोई अन्य मांग नहीं करेंगे।
कौरव युवराज दुर्योधन ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा था कि वह पांडवों को सुई की नोंक के बराबर भी जगह देने के पक्ष में नहीं है।