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परिवार के संपर्क में रहने पर योग गुरु आनंद गिरी निष्कासित

 Written By: IANS
 Published : May 16, 2021 02:57 pm IST,  Updated : May 16, 2021 02:57 pm IST

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, "आनंद गिरी ने अपने पूरे परिवार को नासिक, उज्जैन, प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ में बुलाया, जबकि हमारे अखाड़े की परंपरा के मुताबिक पारिवारिक संबंध नहीं बनाए जा सकते।"

Yoga guru Anand Giri expelled for being in touch with family परिवार के संपर्क में रहने पर योग गुरु आ- India TV Hindi
परिवार के संपर्क में रहने पर योग गुरु आनंद गिरी निष्कासित Image Source : IANS

प्रयागराज. बघंबरी मठ से बड़े हनुमान मंदिर के योग गुरु महंत आनंद गिरि और निरंजनी अखाड़े के श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी ने उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में रहने के कारण निष्कासित कर दिया है, जो 'संन्यास' की परंपराओं के खिलाफ है। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि गिरि पर वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद कार्रवाई की गई है।

महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य होने के कारण आनंद गिरि का अपनी बिरादरी के भीतर और भक्तों के बीच बहुत दबदबा था, लेकिन कुछ महीने पहले गुरु और शिष्य के बीच मतभेद पैदा हो गए। आनंद गिरी राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह करीब 18 साल पहले नरेंद्र गिरी से मिले थे और उनके शिष्य बने। उन्होंने अखाड़े में अंग्रेजी के साथ संस्कृत, वेद और योग सीखा।

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, "आनंद गिरी ने अपने पूरे परिवार को नासिक, उज्जैन, प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ में बुलाया, जबकि हमारे अखाड़े की परंपरा के मुताबिक पारिवारिक संबंध नहीं बनाए जा सकते।"

उन्होंने कहा, "माता-पिता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन अखाड़े की एक परंपरा है। वह कई चेतावनियों के बाद भी नियम तोड़ रहे थे और इस तरह उसे पहले बाघंबरी मठ से हटा दिया गया और फिर अखाड़े से निकाल दिया गया।"

आनंद गिरि द्वारा बड़े हनुमान मंदिर में धन के दुरुपयोग की भी शिकायतें थीं। निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर द्वारा शिकायतों की जांच की गई और आरोप सही पाए गए। आनंद गिरी ने कहा कि उनके गुरु नरेंद्र गिरि को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है और वह उनका और उनके शब्दों का सम्मान करते रहेंगे।

हालांकि आनंद गिरि ने यूपी और उत्तराखंड पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी कभी भी हत्या की जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है और उनकी सुरक्षा छीन ली गई है। निष्कासन के सवाल पर आनंद गिरी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह निष्कासन किस आधार पर हुआ है और बोलने के लिए सही समय का इंतजार करेंगे।

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