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कैप्टन स्मित के लिए 'अशोक च्रक' सम्मान की मांग, तमाम नेताओं और हस्तियों ने की डिमांड

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 02, 2026 05:53 pm IST,  Updated : Oct 02, 2026 06:33 pm IST

फ्लाईदुबई की फ्लाइट को चाकू से हमला होने के बावजूद भी क्रैश होने से बचाने वाले कैप्टन स्मित के लिए अशोक चक्र वीरता सम्मान की मांग उठने लगी है। जानिए किस-किसने इसकी मांग की है।

Captain Smit Machchhar- India TV Hindi
कैप्टन स्मित के लिए 'अशोक च्रक' की मांग उठने लगी है। Image Source : ANI/MEA

इजरायली यात्रियों से भरी फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 को क्रैश होने से रोककर 174 लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छर की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। पीएम मोदी से लेकर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी को सलाम किया है। इस बीच, भारत में कैप्टन स्मित को अशोक चक्र देने की मांग उठने लगी है। तमाम नेताओं और हस्तियों ने कैप्टन स्मित मच्छर को अशोक चक्र वीरता पुरस्कार देने की मांग की है। इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लेकर ऑथर शेफाली वैद्य का नाम शामिल है।

मिलिंद देवरा ने की कैप्टन स्मित के लिए अशोक चक्र की मांग

बता दें कि शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने पीएम मोदी को खत लिखकर कैप्टन स्मित मच्छर के लिए प्रतिष्ठित 'अशोक चक्र' की डिमांड की है। मुंबई में जन्मे पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के दौरान हवा में आई एक गंभीर मुश्किल चुनौती में असाधारण साहस दिखाया है।

देवरा में डिप्टी सीएम शिंदे और शिवसेना की तरफ से शेयर किया खत

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और शिवसेना की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पत्र शेयर करते हुए मिलिंद देवरा ने कैप्टन स्मित मच्छर की तारीफ की और उन्हें 'मुंबई का बेटा' बताया। खत में मिलिंद देवरा ने लिखा कि आसमान में एक अकल्पनीय चुनौती का सामना करते हुए, कैप्टिन स्मित मच्छर ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जान को प्रॉयरिटी दी और गंभीर तौर पर घायल होने के बावजूद अपना काम जारी रखा। देवरा ने कहा कि यह काम साहस, निस्वार्थ भाव और कर्तव्यनिष्ठा की सर्वोच्च मिसाल है।

सिर्फ कैप्टन स्मित हैं अशोक चक्र के हकदार- ऑथर शेफाली वैद्य

वहीं, ऑथर शेफाली वैद्य ने PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए पोस्ट किया, 'अगर इस साल कोई अशोक चक्र का हकदार है, तो वह हैं कैप्टन स्मित मच्छर। FlyDubai के इस बहादुर पायलट ने खुद गंभीर तौर पर घायल होने के बावजूद 200 यात्रियों की जान बचाई।'

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने भी की पुरस्कार देने की मांग

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने भी कैप्टन स्मित मच्छर के लिए पुरस्कार की मांग करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को लेटर लिखा है। इसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय, फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को किसी उपयुक्त राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या राष्ट्रीय नागरिक सम्मान देने पर विचार करें।

इसके अलावा, Limca और National award 2018 से सम्मानित इंडियन फर्स्ट ब्लेट रनर मेजर डीपी सिंह ने भी एक्स पर लिखा कि कैप्टन स्मित शांति के समय दिए जाने वाले सबसे बड़े वीरता पुरस्कार अशोक चक्र के हकदार हैं। नीरजा भनोट को 1987 में मरणोपरांत यही पुरस्कार दिया गया था। आपमें से कितने लोग सहमत हैं?

PM मोदी ने भी आज कैप्टन स्मित से की बात

जान लें कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज (शुक्रवार को) कैप्टन स्मित से फोन पर बात की है। हमले में घायल कैप्टन का पीएम ने हाल जाना। अबू धाबी के एक अस्पताल में कैप्टन स्मित का इलाज चल रहा है। इससे पहले बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के परिवार वालों से बात की थी। UAE में भारतीय दूतावास के मुताबिक, कैप्टन स्मित की स्थिति बेहतर है और वह तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

कैप्टन स्मित पर को-पायलट ने चाकू से किया था हमला

कैप्टन स्मित को तबूक से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी लाया गया है। अब उनका आगे का इलाज और रिकवरी वहीं पर होगी। भारत सरकार लगातार स्मित के परिजनों के संपर्क में है। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 के कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया था। कैप्टन स्मित का अबू धाबी में इलाज चल रहा है और अभी लेटेस्ट अपडेट है कि उनकी सेहत में काफी सुधार है। भारत सरकार लगातार स्मित के परिजनों के संपर्क में है।

अशोक चक्र क्या है?

भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता और साहस का सम्मान अशोक चक्र है जो युद्ध के क्षेत्र के अलावा अन्य हालातों में अदम्य साहस, असाधारण शौर्य या आत्मबलिदान के लिए दिया जाता है। इसका मकसद शांति के वक्त देश की सुरक्षा या रक्षा में अपनी जान की परवाह किए बगैर अदम्य साहस दिखाने वाले वीरों को सम्मानित करना है।

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