प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अबु धाबी में इलाज करा रहे पराक्रमी भारतीय पायलट स्मित मच्छार से लाइव वीडियो पर बातचीत की और हालचाल पूछा। समूचे देश ने इस वीडियो बातचीत को जब देखा तो हर भारतीय का सीमा गर्व से चौड़ा हो रहा था। मोदी की बातचीत गुजराती में भी हुई। स्मित मच्छार ने कहा कि वह अक्सर संकट के वक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, और जिस सुबह सिर पर मौत मंडरा रही थी, उनका शरीर लहूलुहान था, वह हनुमान चालीस का पाठ कर रहे थे।
मोदी ने कहा, "कल भूपेंद्रभाई (स्मित के पिता), गीताबेन (माता), और सोनाली बेन (पत्नी) से मेरी बातचीत हुई। मैंने गीतेबेन से कहा, आपका नाम गीता है, आपने स्मित को गीता में श्रीकृष्ण के उपदेशों को न सिर्फ समझाया, बल्कि गीता के मूल्यों को उसके जीवन में उतारा।” मोदी ने स्मित से कहा, “आपने जीवन में इतना महान कार्य किया है के देश-दुनिया के लोग आपको देखने और आपसे बात करने को उत्सुक हैं। ये सिर्फ इसलिए हो पाया क्योंकि आपको जीवन में गीता के मूल्य मिले हैं।” मोदी ने कहा, आपने पूरे देश का मान बढ़ाया है और लोगों का आपके प्रति अथाह प्यार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर कैप्टन स्मित ने समझदारी न दिखाई होती, कॉकपिट का दरवाजा न खोला होता तो बड़ा आतंकवादी हादसा हो सकता था। ट्रंप ने कहा, कैप्टन स्मित पूरी दुनिया के सुपर हीरो हैं। यह बताने में कोई संकोच नहीं कि जिस पराक्रम की तारीफ़ आज पूरी दुनिया कर रही है, उसने अपने साहस से, अपनी presence of mind से Flydubai के एक विमान को क्रैश होने बचाया। लहूलुहान होते हुए भी आतंकवादी co-pilot से मुक़ाबला किया और 174 passengers की जान बचाई।
स्मित मच्छार न होते तो शायद 9/11 जैसा दूसरा हादसा हो गया होता, इस समय पूरी दुनिया में मातम पसरा होता लेकिन आज हर कोई भारतीय कैप्टन स्मित के साहस को सलाम कर रहा है। जब प्लेन गिर रहा था, पायलट बुरी तरह से घायल था, कुछ ही सेकेंड में क्रैश होने वाला था, उस वक्त हिम्मत जुटाकर सबसे पहले यानिव नाम का इजरायली प्लम्बर कॉकपिट में घुसा। उस वक्त प्लेन का नोज़ पूरी तरह नीचे की तरफ था, कुछ ही सेकेन्ड में प्लेन धरती से टकरा सकता था। यानिब ने सूझबूझ से काम लिया। उसने सबसे पहले को-पायलट को धक्का देकर दूसरी तरफ गिराया, फिर फ्लाइट के कंट्रोलर को ऊपर की तरफ खींच दिया।
उसे पूरा यकीन नहीं था कि वो ये काम करेगा। विमान हादसों पर बनी एक सीरीज वो देख चुका था जिसमें गिरते हुए प्लेन को कैसे ऊपर उठाते हुए दिखाया गया था। उसने वैसा ही किया और ये तरीका काम कर गया। नीचे गिरता हुआ प्लेन ऊपर की तरफ जाने लगा और फ्लाइट स्टेबल होने लगी। कुछ ही सेकेन्ड में दो पायलट जो यात्री थे, कॉकपिट में पहुंच गए लेकिन वहां चारों तरफ बिखरे खून को देखकर एक स्पेयर पायलट बेहोश हो गया। दूसरे पायलट ने संयम से काम लिया, फ्लाइट का कंट्रोल संभाला, नजदीकी ATC से संपर्क किया और सऊदी अरब में सेफ लैंडिंग कराई।
Flydubai के प्लेन में सवार 174 लोगों की जान कैसे बची, ये अद्भुत, अकल्पनीय, चमत्कार है। बुरी तरह से घायल कैप्टन स्मित ने emergency code कैसे भेजा, ये पहला चमत्कार था। code भेजने का मतलब सिर्फ़ कोई एक button दबाना नहीं होता। Actually code भेजना पड़ता है। घायल captain ने cockpit का दरवाज़ा कैसे खोला, ये दूसरा चमत्कार था। अगर बाहर से मदद नहीं मिलती तो प्लेन का crash होना निश्चित था। बाहर से मदद के लिए जो यात्री आए, उन्होंने पलक झपकते ही मारने वाले और बचाने वाले के बीच फ़र्क़ को समझ लिया। ये तीसरा चमत्कार था।
एक प्लम्बर का flight के control को उपर खींचना चौथा चमत्कार था। एक dentist ने घायल captain का treatment किया। ये पांचवां चमत्कार था। उस प्लेन में यात्री के तौर पर अगर दो pilot सवार न होते तो plane की landing कराना असंभव था। जो pilot plane से वाकिफ नहीं था, उसने plane को सुरक्षित उतारा, ये छठा चमत्कार था। अनुभवी pilot कहते हैं, इतने सारे चमत्कार एक साथ ना कभी सुने, ना कभी देखे। ये ईश्वर की कृपा के बिना हो ही नहीं सकता था।
सबसे बड़ा चमत्कार ये हुआ कि पूरी दुनिया में संदेश गया कि एक भारतीय अपनी जान पर खेलकर duty कैसे पूरी करता है, अपनी presence of mind से दूसरों की जान कैसे बचाता है। कैप्टन स्मित ने पूरी दुनिया में भारत की जो छवि बनाई है, उससे दुनिया में जहां-जहां भारतवासी रहते हैं, लोगों की नज़रों में उनका मान बढ़ा है। ये भारत के लिए बहुत बड़ा गौरव है।
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