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Amar Jawan Jyoti: 50 साल से जल रही 'अमर जवान ज्योति' का विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में किया जाएगा

राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा। सेना के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

IndiaTV Hindi Desk Written by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: January 20, 2022 23:42 IST
50 साल से जल रही 'अमर जवान ज्योति' का विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में किया जाएगा - India TV Hindi
Image Source : PTI FILE PHOTO 50 साल से जल रही 'अमर जवान ज्योति' का विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में किया जाएगा 

Highlights

  • दिल्‍ली के इंडिया गेट पर बने अमर जवान ज्योति की मशाल हमेशा के लिये बुझा दी जाएगी
  • अब केवल नेशनल वॉर मेमोरियल में ही लौ जलेगी
  • बेहद खास है नेशनल वॉर मेमोरियल

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा। सेना के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अमर जवान ज्योति की स्थापना उन भारतीय सैनिकों की याद में की गई थी जोकि 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। इस युद्ध में भारत की विजय हुई थी और बांग्लादेश का गठन हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को इसका उद्घाटन किया था।

सेना के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि अमर जवान ज्योति का शुक्रवार (21 जनवरी, 2022) दोपहर को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा जोकि इंडिया गेट के दूसरी तरफ केवल 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। मालूम हो कि, इंडिया गेट स्मारक ब्रिटिश सरकार द्वारा 1914-1921 के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों की याद में बनाया गया था। वहीं 'अमर जवान ज्योति' का विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में करने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि दो जगहों पर लौ (मशाल) का रख रखाव करना काफी मुश्किल हो रहा है।

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया था, जहां 25,942 सैनिकों के नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखे गए हैं। युद्ध स्मारक में भवन के उद्घाटन के बाद, सभी सैन्य औपचारिक इवेंट को इंडिया गेट स्मारक से नेशनल वॉर मेमोरियल में शिफ्ट कर दिया गया था।

बता दें कि, नेशनल वॉर मेमोरियल देश का इकलौता ऐसा मेमोरियल है जहां ट्राई सर्विस यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सैनिकों के नाम एक छत के नीचे हैं। नेशनल वॉर मेमोरियल में चार लेयर हैं यानी चार चक्र। सबसे अंदर का चक्र अमर चक्र है जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है जिसमें अमर ज्योति जल रही है। यह ज्योति शहीद सैनिकों की आत्मा की अमरता का प्रतीक है साथ ही एक आश्वासन कि राष्ट्र अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भुलाएगा। दूसरी लेयर है वीरता चक्र, जिसमें आर्मी, एयर फोर्स और नेवी द्वारा लड़ी गई छह अहम लड़ाइयों को बताया गया है। तीसरी लेयर त्याग च्रक में शहीद सैनिकों के नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी। यह नाम 1.5 मीटर की दीवार पर लिखे हैं। सुरक्षा चक्र में 695 पेड़ हैं जो देश की रक्षा में तैनात जवानों को दर्शाते हैं।

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