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'अंकिता भंडारी हत्याकांड में दाखिल की गई थी 500 पेज की चार्जशीट', उत्तराखंड के ADG अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने साफ की स्थिति

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 15, 2026 07:24 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 07:24 pm IST

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले पर उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि SIT ने 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इस केस के तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है।

Ankita Bhandari murder case- India TV Hindi
उत्तराखंड पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस। Image Source : REPORTERS INPUT

उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने आज (गुरुवार को) पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्व. अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना में उत्तराखंड पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।

मामला सामने आने के बाद तुरंत किया गया था SIT का गठन

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल एसआईटी का गठन किया गया। डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि मामले की गहन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।

कोर्ट में SIT ने दाखिल की थी 500 पेज की चार्जशीट

उन्होंने बताया कि एसआईटी ने प्रकरण की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्टों एवं गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।

तीनों दोषियों को सुनाई जा चुकी है आजीवन कारावास की सजा

डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि उत्तराखंड शासन की तरफ से मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। एसआईटी द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

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