1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. क्या घर पर होने वाली कोविड जांच से हो सकती है ओमिक्रॉन की पुष्टि? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

क्या घर पर होने वाली कोविड जांच से हो सकती है ओमिक्रॉन की पुष्टि? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 04, 2022 06:55 am IST,  Updated : Jan 04, 2022 06:58 am IST

कोरोना के मामले बढ़ने के साथ सवाल उठता है कि क्या घर पर जांच करके कोरोना के वैरिएंट का पता लगाया जा सकता है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय।

घर पर ही हो सकती है कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि- India TV Hindi
घर पर ही हो सकती है कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि Image Source : PTI

Highlights

  • घर पर हो सकती है कोरोना की जांच
  • अमेरिका के वैज्ञानिक अभी इसकी जांच कर रहे हैं
  • शुरुआती जांच में पता चला कि घर से ही हो सकती है स्वरूप की पुष्टि

दुनिया में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब घर पर भी कई देशों में कोरोना टेस्ट की सुविधा दी जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या घर पर होने वाले कोविड-19 टेस्ट (रैपिड टेस्टिंग) से ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता चल सकता है? तो इसका जवाब है हाँ, अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस प्रकार से टेस्ट करके वैरिएंट का पता लगाने से इसकी विश्वसनीयता कम हो सकती है, लेकिन अभी ये असंभव जैसा नहीं लगता।

सरकार लोगों से घर पर जांच करवाने की सिफारिश कर रही है और ये अभी तक नहीं बदला है। लोगों को यदि जल्दी नतीजे चाहिए तो घर पर आसानी से जांच की जा सकती है। अमेरिका स्थित लैब में डॉक्टर एमिली वॉक का कहना है, 'इसमें जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है कि ये कोरोना का कौन सा स्वरूप है? ये डेल्टा है, एल्फा है या ओमिक्रॉन है।

सरकारी वैज्ञानिक अभी इसका पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या रैपिड टेस्ट से कोरोना के नए वैरिएंट का पता लगाया जा सकता है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि शुरुआती जांच में पाया गया कि इससे ओमिक्रॉन का पता लगाया जा सकता है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता कम होगी। क्योंकि अभी तक एजेंसी इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या सच में घर पर होने वाले टेस्ट से कोरोना के स्वरूप का पता लगाना कितना सटीक है, क्योंकि वायरस के इस स्वरूप के मरीज नवंबर से ही सामने आने लगे हैं।

यूएस इंफेक्शियस डिज़ीज एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फॉकी का कहना है, 'एफडीए को अभी तक हुई जांच में पता चला है कि इसकी विश्वसनीयता पर जरूर सवाल खड़े हो सकते हैं, लेकिन ये टेस्ट करना बहुत जरूरी भी होता है। क्योंकि घर पर जांच करने के कई फायदे भी होते हैं। वैक्सीन लेने के बाद और टेस्ट करने के बाद आप आसानी से अपने परिवार और दोस्तों से मुलाकात भी कर सकते हैं। आमतौर पर, कोरोना के बाद जो बदल गया है।'

डॉक्टर वॉक बताते हैं, अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए हैं जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया है और आपमें कोई लक्षण नहीं है, तो रैपिड टेस्ट से पांच दिनों में बहुत आसानी से ये जरूरत पता लगाया जा सकता है कि आप कोरोना पॉजिटिव हुए हैं या नहीं। साथ ही अगर आपका गला सूख रहा है और नाक बह रही है तो टेस्ट से आप दूर कर सकते हैं कि ये कोविड-19 है या कुछ और। मान लीजिए, आप किसी नाइटक्लब में गए हैं और वहां मौजूद अधिकतर लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं तो आप थोड़े संदेह के साथ ये जरूर पता लगा सकते हैं कि आप भी कोरोना संक्रमित हुए हैं या नहीं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत