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वेब सीरीज ‘द हंट–द राजीव गांधी असैसिनेशन केस’ पर विवाद, पूर्व जांच अधिकारी आमोद कंठ ने तथ्यों को बताया भ्रामक

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 02, 2025 12:56 pm IST,  Updated : Aug 02, 2025 01:19 pm IST

सोनी लिव पर राजीव गांधी की हत्या पर आधारित वेब सीरीज द हंट का प्रसारण विवादों में आ गया है। इस घटना की जांच करने वाले पूर्व सीबीआई अधिकारी आमोद कंठ ने इसमें प्रस्तुत तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने, भ्रामक और अपमानजनक होने का आरोप लगाया है।

द हंटः राजीव गांधी हत्याकांड..वेब सिरीज के निर्माताओं के खिलाफ प्रेसवार्ता (फाइल)- India TV Hindi
द हंटः राजीव गांधी हत्याकांड..वेब सिरीज के निर्माताओं के खिलाफ प्रेसवार्ता करते पूर्व आईपीएस आमोद कंठ और उनकी टीम (फाइल) Image Source : INDIA TV

नई दिल्लीः  देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड मामले में मुख्य जांच अधिकारी रहे आमोद के कंठ ने सोनी लिव पर प्रसारित वेब सीरीज "द हंटः राजीव गांधी हत्याकांड" के निर्माताओं पर देश की सबसे संवेदनशील राजनीतिक जांचों में से एक में महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसके निर्माताओं पर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जांच में घटनाओं के वास्तविक क्रम को बिगाड़ने, सिनेमाई उद्देश्यों के लिए रचनात्मक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने व पात्रों और घटनाओं के नाटकीयकरण में वास्तविकता को झुठलाने के साथ जांच अधिकारियों व संस्था की साख को बदनाम करने का भी आरोप लगाया है। 

कौन हैं आमोद कंठ

आमोद कंठ सीबीआई में तत्कालीन डीआईजी (इन्वेस्टीगेशन) रहे हैं। उन्होंने भारत के सबसे जटिल माने जाने वाले राजीव गांधी हत्याकांड की जांच में बड़ी भूमिका निभाई थी। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक जनसभा के दौरान आत्मघाती बम हमले में हत्या कर दी गई थी। आमोद कहना है कि इस हत्याकांड पर बनाई गई वेब सीरीज में वास्तविक नामों और छवियों का उपयोग विकृत तथ्यों के साथ किया गया है, जो कि न केवल भ्रामक है, बल्कि उन व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को बदनाम करने के लिए है, जिन्होंने ईमानदारी से देश की सेवा की है। उन्होंने निर्माताओं को इस मामले में नोटिस भेजने के साथ मानहानि का मुकदमा भी किया है। 

द हंट-वेब सिरीज (फाइल)
Image Source : INDIA TVद हंट-वेब सिरीज (फाइल)

आमोद कंठ ने उठाए कई गंभीर सवाल

पूर्व सीबाई अधिकारी कंठ ने इस वेब सीरीज़ में दिखाए गए तथ्यों में गंभीर गलतियों, विकृतियों और मानहानिपूर्ण चित्रण करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह न केवल व्यक्तिगत रूप से उनके लिए, बल्कि सीबीआई जैसी शीर्ष जांच एजेंसी के लिए भी गंभीर नैतिक और कानूनी चिंताएं पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह सीरीज़ लिब्रेशन ऑफ तमिल-तेलगू ईलम (LTTE) आतंकी संगठन के लोगों के प्रति सहानुभूति जताने और देश की कानून व्यवस्था की विफलता दिखाने का एक कुप्रयास भी प्रतीत होती है।

आमोद कंठ को इन तथ्यों पर भी आपत्ति

आमोद कंठ का कहना है कि उनके रिश्तेदारों, परिवारजनों और करीबियों ने जब इस सीरीज को देखा तो उन्होंने मुझसे संपर्क कर नाराजगी जाहिर की। आमोद ने कहा कि सीरीज़ में दिखाए गए दृश्य में घटनाओं की अनुचित क्रमबद्धता, थर्ड-डिग्री टॉर्चर, अत्याचारी ढंग से अथिरई की गिरफ्तारी, अपशब्दों का प्रयोग, मेरे द्वारा गाली-गलौज और धूम्रपान करना आदि मेरी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचाने वाले हैं। यह एक प्रकार से मेरी मानहानि और चरित्र का हनन है। उनका आरोप है कि पूरी सीरीज़ में यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि सीबीआई अधिकारियों ने जांच के दौरान अभियुक्तों को धमकाया, बलात्कार की धमकी दी। जो पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और अपमानजनक है। इसमें मेरा और मेरी पत्नी का वास्तविक नाम और पद बिना अनुमति के इस्तेमाल किया गया है। जबकि किसी राष्ट्रीय महत्व के मामले में प्रमुख जिम्मेदारी निभाने वाले वास्तविक व्यक्तियों को स्क्रीन पर दर्शाया जाता है, तो उनका चित्रण सच्चाई और सम्मान के साथ किया जाना आवश्यक है।

मीडिया से अपील

अमोद कंठ ने इस मामले में मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा है कि वे सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानी को दिखाने और कहने में जिम्मेदारी व जवाबदेही निभाएं। उनका कहना है कि राजीव गांधी हत्याकांड भारत के इतिहास की सबसे चर्चित, जटिल और ऐतिहासिक जांचों में से एक है...और जब ऐसे मामले किसी बड़े दर्शक वर्ग के सामने प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उसमें विशेष सावधानी, सटीकता और ईमानदारी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि द हंट जैसी सीरीज़ को दुनियाभर में व्यापक रूप से देखा जा रहा है। ऐसे में यह जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वास्तविक व्यक्तियों और ऐतिहासिक घटनाओं को सतर्कता और सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया जाए। मगर दुर्भाग्यवश यह शो इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रहा है।

थर्ड डिग्री और बलात्कार की धमकी का तथ्य झूठा

उन्होंने कहा कि इसमें थर्ड-डिग्री टॉर्चर और अभियुक्त नलिनी को बलात्कार की धमकियां जैसा कोई भी गैर-कानूनी कृत्य मेरे नेतृत्व में नहीं हुआ था और न ही स्वीकार्य था। इसी तरह एपिसोड 3 में 'अथिरई' नामक आत्मघाती महिला हमलावर की गिरफ्तारी में आमोद कंठ को दिल्ली के एक होटल में डुप्लिकेट चाबी से घुसते हुए और उसके साथ अनुचित व्यवहार करते हुए, महिला अधिकारी की गैर-मौजूदगी में उसे गिरफ्तारी करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से झूठा, सनसनीखेज और मानहानिपूर्ण चित्रण है। यह मेरी पूरी पुलिस सेवा, सामाजिक प्रतिबद्धता और नैतिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। अपने पूरे करियर में कभी भी अभद्र भाषा, शारीरिक हिंसा या दुर्व्यवहार का इस्तेमाल नहीं किया। 

कब प्रसारित हुई वेब सीरीज

यह वेब सीरीज 4 जुलाई 2025 को प्रसारित हुई। कथित रूप से यह सीरीज सच्ची घटना और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित थी... और जिनमें आमोद कंठ के नाम, व्यक्तित्व, चरित्र और आधिकारिक भूमिका का व्यक्तिगत संदर्भों के साथ चित्रण किया गया। मगर आरोप है कि इसके लिए उनकी अनुमति नहीं ली गई। आमोद कंठ ने आरोप लगाया कि यह वेब सीरीज़ तथ्यों से पूरी तरह भटकी हुई, विकृत और अपमानजनक है। इसमें कुछ चित्रण तो इतने अधिक आपत्तिजनक हैं कि वे मेरे नैतिक और बौद्धिक चरित्र को ठेस पहुंचाते हैं और मुझे एक व्यक्ति, पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अयोग्य और अपमानित करते हैं। आरोप है कि यह सीरीज़ सीबीआई संस्था समेत उससे जुड़े अधिकारियों की छवि को धूमिल करती है, विशेष रूप से उन अधिकारियों की, जिन्होंने इस राष्ट्रीय महत्व के मामले में कठिन परिस्थितियों में जांच करने में अपना योगदान दिया था।

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