बेंगलुरुः ईडी ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 9 और 10 सितंबर 2026 को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकाक और कोलकाता में कुल 21 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत की गई। छापेमारी में मंत्री के ठिकानों से 3.3 करोड़ रुपये कैश और 15 लाख विदेशी मुद्रा भी मिली।
ईडी के मुताबिक, जांच का फोकस जारकीहोली परिवार के कथित विदेशी निवेश, विदेश में कारोबार और पैसों के लेन-देन पर है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेशों में किए गए कुछ निवेश और खर्च में नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
बेटी, बेटे और रिश्तेदार के ठिकाने भी खंगाले
तलाशी की कार्रवाई में चिक्कोडी से सांसद और सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली, उनके बेटे राहुल जारकीहोली और रिश्तेदार वाईडी मंजूनाथ से जुड़े ठिकाने भी शामिल रहे। इसके अलावा मंत्री के OSD और निजी सहायक मलागौड़ा पाटिल, राजू दरागशेट्टी, विट्ठल परसन्नावर और डॉ. गिरीश सोनवलकर से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई।
अफ्रीका की कंपनियों में निवेश की जांच
ईडी ने कहा है कि तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि जारकीहोली परिवार के कुछ सदस्यों की विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रियंका जारकीहोली, राहुल जारकीहोली और महादेवी मंजूनाथ की विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी सामने आई है। इनमें कांगो की Eldorado Mining Resources और जाम्बिया की Nava Aurum Mining Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, सतीश जारकीहोली की कांगो की सोने की खदान से जुड़ी कंपनी Magnitude Star SARL में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी भी सामने आई है। अफ्रीका में खनन से जुड़ी दूसरी विदेशी कंपनियों और उनकी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी एजेंसी को मिले हैं।
3.3 करोड़ रुपये कैश और विदेशी मुद्रा मिली
तलाशी के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद की है। ईडी के अनुसार 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब भारतीय करेंसी और करीब 15 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा, जिसमें अमेरिकी डॉलर और यूरो शामिल हैं, जब्त किए गए हैं।
कांगो में अनधिकृत तरीके से पैसा भेजने का आरोप
ईडी का कहना है कि तलाशी के दौरान ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कांगो की एक संस्था में बड़ी रकम का निवेश/खर्च नकद के जरिए और कथित तौर पर अनधिकृत चैनल से किया गया। एजेंसी अब इन पैसों के स्रोत और विदेश तक पहुंचने के तरीके की जांच कर रही है।
PWD टेंडर और कथित रिश्वत की भी जांच
तलाशी में PWD विभाग में कथित गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं। ईडी ने एक निजी कंपनी Bharat Vanijya Eastern Private Ltd (BVEPL) से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली। एजेंसी को शक है कि कंपनी ने PWD से टेंडर हासिल करने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम रिश्वत के रूप में दी थी और इस पैसे का इस्तेमाल विदेशी संपत्तियां खरीदने में किया गया। तलाशी के दौरान ठेकेदारों से कथित रिश्वत की रकम जुटाने से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी मिलने की बात ईडी ने कही है। इनमें वाईडी मंजूनाथ द्वारा नियंत्रित और चलाए जा रहे एक संस्थान/खाते से जुड़े रिकॉर्ड भी शामिल बताए गए हैं।
ईडी ने तलाशी के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और दूसरे महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए हैं। इनमें विदेशी कंपनियों, खनन संपत्तियों, पैसों के लेन-देन और PWD से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी शामिल है। इससे पहले ईडी ने गुरुवार को भी मंत्री के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
ये भी पढ़ेंः कर्नाटक में राज्य सरकार के कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के सिर्फ़ दो पद गाए जाएंगे, कांग्रेस सरकार ने जारी किया आदेश