Highlights
- अगले आदेश तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में स्कूल बंद
- हरियाणा के NCR जिलों में वायु गुणवत्ता के प्रबंधन के उपायों पर सरकार ने दिया आदेश
- सभी निर्माण गतिविधियों (गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियों को छोड़कर) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 'बिगड़ती वायु गुणवत्ता' के मद्देनजर दिल्ली से सटे अपने चार जिलों के सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। हरियाणा के एनसीआर जिलों में वायु गुणवत्ता के प्रबंधन के उपायों पर सरकार के आदेश के बाद अगले आदेश तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में स्कूल बंद रहेंगे।
हरियाणा के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा दो दिसंबर को जारी किए गए आदेश में, "गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियों" जैसे कि नल संबंधी कार्य (प्लंबिंग), आंतरिक सजावट, बिजली के काम और बढ़ईगिरी को छोड़कर और एनसीआर एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा विशेष रूप से जिन कार्यों को अनुमति दी गई है उन सबके अलावा, हर प्रकार की निर्माण गतिविधियों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आदेश में कहा गया कि ये प्रतिबंध अगले आदेश तक हरियाणा के सभी 14 एनसीआर जिलों में सख्ती से लागू रहेंगे। साथ ही हरियाणा सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी निर्माण गतिविधियों (गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियों को छोड़कर) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डीज़ल जेनरेटर सेट के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।
प्रदूषण काबू करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश लागू करें: न्यायालय का केंद्र, एनसीआर राज्यों को निर्देश
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के राज्यों को शुक्रवार को निर्देश दिए कि वे वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन संबंधी आयोग के आदेशों को लागू करें। न्यायालय ने इस बात पर दुख जताया कि मीडिया के कुछ वर्गों ने उसे ऐसे ‘‘खलनायक’’ के तौर पर ‘‘चित्रित’’ किया है, जो यहां स्कूलों को बंद कराना चाहता है।
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की विशेष पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा उठाए कदमों का भी संज्ञान लिया और केंद्र, दिल्ली और एनसीआर के राज्यों से निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया। आयोग ने एक हलफनामे में पीठ को बताया कि दिल्ली एवं एनसीआर में वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए पांच सदस्यीय एक प्रवर्तन कार्य बल गठित किया गया है।
हलफनामे में कहा गया है कि 17 उड़न दस्तों का गठन किया गया है, जो न्यायालय और आयोग के आदेशों के तहत विभिन्न कदमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे और 24 घंटों में इनकी संख्या बढ़ाकर 40 की जाएगी। इसमें कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले और स्वच्छ ईंधन की मदद से चलने वाले ट्रकों को छोड़कर शेष ट्रकों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। पीठ ने इन कदमों का संज्ञान लेते हुए कहा, ‘‘हमने केंद्र और दिल्ली सरकार के हलफनामे पर गौर किया है। हमने प्रस्तावित निर्देशों पर विचार किया है। हम केंद्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार को निर्देश देते हैं कि वे दो दिसंबर के आदेश लागू करें और हम अगले शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेंगे।’’