1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कांग्रेस सरकार का दिवाली गिफ्ट, 28 को मिलेगी सैलरी, 4 % डीए और पेंडिंग मेडिकल बिल का पैसा भी मिलेगा

कांग्रेस सरकार का दिवाली गिफ्ट, 28 को मिलेगी सैलरी, 4 % डीए और पेंडिंग मेडिकल बिल का पैसा भी मिलेगा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 12, 2024 01:59 pm IST,  Updated : Oct 12, 2024 02:33 pm IST

हिमाचल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिवाली तोहफा देते हुए 4 फीसदी डीए के साथ पेंडिंग मेडिकल बिल का भुगतान करने का फैसला किया है। दिवाली के चलते 28 तारीख को कर्मचारियों को सैलरी खाते में आ जाएगी।

Sukhvinder Singh Sukhu- India TV Hindi
सुखविंदर सिंह सुक्खू Image Source : PTI

हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। सीएम सुक्खू ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर कर्मचारियों को 1जनवरी 2023 से देय 4 फीसदी की डीए की किस्त देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सभी लंबित मेडिकल बिल जारी करने की भी बात कही है। वहीं OPS के दायरे से बाहर एनपीएस कर्मचारियों और अधिकारियों के देय डीए के भुगतान की भी सीएम ने घोषणा की है, जिससे एनपीएस के तहत 1300 कर्मियों को लाभ मिलेगा। इससे सरकारी खजाने पर लगभग 600 करोड़ का भार पड़ेगा। 

मुख्यमंत्री ने अक्टूबर महीने की सैलरी व पेंशन को चार दिन पहले 28 को ही देने की घोषणा की है, जिसका भुगतान 1 नवंबर और 9 नवंबर को होना था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ट्रेजरी ओवर ड्राफ्ट नही हुईं है। मीडिया में गलत खबरें चली हैं। वित्तीय अनुशासन के लिए सरकार ने पिछले महीने कुछ आर्थिक बदलाव किए थे। हिमाचल प्रदेश में किसी भी तरह का आर्थिक संकट नहीं है बल्कि वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर हो रही है। विपक्ष बेवजह कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने में लगा हुआ है, जबकि भाजपा ने चुनावों से पहले सरकारी खजाने पर चपत लगाई और बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर 5 हजार करोड़ रुपए के करीब बोझ सरकारी खजाने पर डाला।

धान की खरीद शुरू कर चुकी है सरकार

ऊना जिले में सरकारी एजेंसियों ने धान की खरीद शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश सरकार धान की खरीद 31 दिसंबर तक करेगी। प्रदेश सरकार ने फसल का मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह खरीद जिले की तीनों मंडियों- रामपुर, टकारला और टाहलीवाल में होगी। यहां जारी बयान के अनुसार, खरीद केंद्र पर किसान की फसल की सफाई के बाद जांच की जाएगी। फसल में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। कृषि उपज मंडी समिति ऊना के सचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल WWW.HPAPPP.NIC.IN पर पंजीकरण करवाना जरूरी है। किसान अपनी सुविधानुसार इन तीन मंडियों में से किसी में भी टोकन बुक करवाकर निर्धारित दिन पर अपनी फसल वहां ले जा सकते हैं। 

(शिमला से रेशमा कश्यप की रिपोर्ट)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत