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भारत-दक्षिण कोरिया चिप से लेकर जहाज बनाने तक में सहयोगी, अब एक दूसरे देश में कर सकेंगे QR कोड से भुगतान

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 20, 2026 03:24 pm IST,  Updated : Apr 20, 2026 04:57 pm IST

भारत और दक्षिण कोरिया अब चिप से लेकर जहाज बनाने तक में सहयोगी होंगे। इसके साथ ही अब क्यूआर कोड के जरिये भुगतान हो सकेगा। दोनों देशों ने सोमवार को हैदराबाद हाउस में इलेक्ट्रानिक पेमेंट सिस्टम मोड पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और पीएम मोदी। - India TV Hindi
हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और पीएम मोदी। Image Source : PTI

नई दिल्लीः भारत और दक्षिण कोरिया अब चिप से लेकर जहाज बनाने तक में सहयोगी बनेंगे। सोमवार को पीएम मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह सहमति बनाई गई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच बड़ा इलेक्ट्रानिक पेमेंट समझौता हुआ है। इसके तहत अब एक दूसरे देशों के नागरिक भारत और दक्षिण कोरिया में आने-जाने के दौरान क्यूआर कोड के जरिये आसानी से भुगतान कर सकेंगे। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा, "भारत और दक्षिण कोरिया ने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों को जोड़ने पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिक जब एक-दूसरे के देश जाएंगे तो वहां स्थानीय QR कोड सिस्टम का उपयोग करके भुगतान कर सकेंगे। यह कदम आपसी यात्राओं को और भी सुविधाजनक बनाएगा।" 

पीएम मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में ली सेल्फी

हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक के दौरान ली जे-म्युंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण भी किया। भारत-दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर फोकस किया गया। 

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी होगी मजबूत

भारत और दक्षिण कोरिया ने सोमवार को सहमति जताई कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ते व्यापारिक व्यवधानों के बीच अपने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को और मजबूत बनाने के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति एवं स्थिरता का सशक्त संदेश दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति ली की यात्रा के बाद हम अपने भरोसेमंद सहयोग को एक भविष्योन्मुखी साझेदारी में बदलने जा रहे हैं।”

चिप से लेकर जहाज बनाने तक में बड़ा सहयोगी

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2010 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को नई रफ्तार मिली थी। उन्होंने कहा, “चिप से लेकर जहाजों तक, प्रतिभा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, मनोरंजन से लेकर ऊर्जा तक के क्षेत्र में हम सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देश समावेशी हिंद-प्रशांत की दिशा में काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “हम अपने साझा प्रयासों के माध्यम से शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण में योगदान देते रहेंगे।” वार्ता में व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों तथा लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

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