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India TV 'She' Conclave: स्मृति ईरानी का दार्शनिक अंदाज़, कहा, 'जीवन में जो चाहा, सब मिल गया, अब मेरी कोई व्यक्तिगत चाह नहीं'

 Published : Mar 19, 2025 05:58 pm IST,  Updated : Mar 19, 2025 05:58 pm IST

स्मृति ईरानी ने India TV 'She' Conclave में सवालों का खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 'सारे टास्क पूरे हो गए। जीवन एक दायित्व है, निर्वहन कर रही हूं। जीवन अवसर है, चाहे मीडिया हो या राजनीति, मैंने बखूबी अपना काम किया।'

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India TV 'She' Conclave में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि 'मेरे सारे Tasks (दायित्व) पूरे हो गए हैं, जीवन में जो सब चाहा, सब मिल गया और अब कोई व्यक्तिगत चाह नहीं है.' स्मृति ईरानी ने इंडिया टीवी के '‘She’ कॉन्क्लेव' में सवालों का जवाब दिया। इस कॉन्क्लेव में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से केवल महिला हस्तियों को बुलाया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं किसी ग्रुप में नहीं हूं। मैं अकेली ही ग्रुप हूं। अगर आप किसी ग्रुप में हैं और आप पर प्रेशर रहता है, मैने ऐसे प्रेशर कभी देखे नहीं। मैं जिस संस्था से आई हूं, उसमें राष्ट्र सर्वोपरि है, राष्ट्र का उत्थान ही प्रेशर है।

सारे टास्क पूरे हो गए

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके सारे टास्क पूरे हो गए, स्मृति ईरानी ने जवाब दिया -  "सारे टास्क पूरे हो गए। जीवन एक दायित्व है, निर्वहन कर रही हूं। जीवन अवसर है, चाहे मीडिया हो या राजनीति, मैंने बखूबी अपना काम किया। मैं जब नॉर्मली ऐसे जवाब देती हूं तो लोग अचम्भित होते हैं। आध्यात्म आपको detachment सिखाती है। मैं जब कहती हूं, सब कुछ पा लिया, तो लेग कहेंगे, अरे, इनके अंदर कोई चाह नहीं है ? मैने जीवन में जो चाहा, वो मिल गया। अब जीवन जितना बाकी है, वो दूसरों के लिए है।."

लीडर का काम है सेवा देना

स्मृति ईरानी ने कहा, "एक लीडर का चाह से क्या लेना-देना? लीडर का काम है सेवा देना, चाहना मतलब, सेवा चाहना"। लीडर का कार्य है दायित्व का निर्वहन करना। उसका personal desire, personal want से कोई लेना-देना नहीं।..मुझे कोई व्यक्तिगत चाह नहीं। मैं आज इस सम्मेलन में चप्पल पहन कर आई हूं, क्योंकि मुझे validation की कोई ज़रूरत नहीं।"

India TV ‘She’ Conclave
Image Source : INDIA TVइंडिया टीवी '‘She’ कॉन्क्लेव'

मैं BJP का एक शक्तिशाली शस्त्र हूं

पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने कहा, ' मुझे अमेठी इसलिए नहीं भेजा गया था कि मैं एक महिला हूं, मुझे इसलिए भेजा गया था क्योंकि मैं BJP का एक potent (शक्तिशाली) शस्त्र हूं। इसमें gender की कोई भूमिका नहीं थी। रही बात oratory की, वो इसलिए है क्योंकि संघ में हम वाकशैली, वाद विवाद, किसी विषय पर चर्चा पर जोर देते हैं, यह एक संस्कार है।'

स्मृति ईरानी ने 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ा था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 1 लाख से ज्यादा वोट से हार गई थी, लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी में ही 55 हजार से ज्यादा वोट से हराया। 2024 के चुनाव में कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने स्मृति ईरानी को 1.67 लाख से अधिक वोट से हराया।

'जिंदगी अपने दम पे जियो' में विश्वास करती हूं

अपनी जिंदगी का फलसफा समझाते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैं जिंदगी अपने दम पे जियो या फिर औरों के दम पे मरो, में विश्वास करती हूं। मैं बहुत स्पष्ट हूं, जीवन में चाहे सफल हों या विफल हों, सफलताएं भी मेरी, विफलताएं भी मेरी। आप जीवन में जो करें, हर action का एक consequence होता है, consequence भुगतने की ताकत होनी चाहिए। ये funda clear होना चाहिए दिमाग में।' स्मृति ईरानी ने कहा, 'मेरे जीवन में कोई तकलीफदेह पन्ना नहीं है, जिंदगी है, दोनों हाथ-पैर चल रहे हैं, ऐसा कोई पन्ना नहीं जो चोट दे या जिंदगी भर टीस दे..ऐसा कोई पन्ना नहीं जो दर्दनाक हो, ये सास-बहू (सीरियल) में होता है, यहां नहीं।'  

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