1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. 27 मंदिरों को तोड़कर बनाई गई कुतुब मीनार के पास मस्जिद, आर्कियोलॉजिस्ट के.के. मोहम्मद का बड़ा दावा

27 मंदिरों को तोड़कर बनाई गई कुतुब मीनार के पास मस्जिद, आर्कियोलॉजिस्ट के.के. मोहम्मद का बड़ा दावा

के. के. मोहम्मद ने दावा किया है कि दिल्ली स्थित कुतुब मीनार के पास कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण 27 मंदिरों को तोड़कर किया गया।

IndiaTV Hindi Desk Written by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: April 19, 2022 13:54 IST
K.K. Mohammed famous archaeologist - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV K.K. Mohammed famous archaeologist 

Highlights

  • आर्कियोलाजी सर्वे ऑफ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर भी रह चुके हैं के. के. मोहम्मद
  • कुतुब मीनार के पास गणेश जी की एक नहीं कई मूर्तियां हैं-के.के. मोहम्मद

नयी दिल्ली : राम मंदिर के इतिहास के प्रमाण की खोज करने वाले इतिहासकार और पुरातत्विद (आर्कियोलॉजिस्ट) के. के. मोहम्मद ने दावा किया है कि दिल्ली स्थित कुतुब मीनार के पास कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण 27 मंदिरों को तोड़कर किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्थित कुतुबमीनार के पास भी कई मंदिरों के अवशेष मिले हैं। जिसमें गणेश मंदिर आसपास है। इससे सिद्ध होता है कि वहां गणेश मंदिर थे और उनकी स्थापना की भी नियम अनुसार सरकार तैयारी कर रही है ।

उन्होंने कहा कि कुतुब मीनार के पास गणेश जी की एक नहीं कई मूर्तियां हैं। वह पृथ्वीराज चौहान की राजधानी थी। उन्होंने बताया कि वहां लगभग 27 मंदिर को कुवत उल इस्लाम मस्जिद बनाने के लिए पूरी तरह नष्ट किया गया। मंदिरों को तोड़ने के बाद जो पत्थर निकले उससे कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद बनाई गई। इतना ही उस जगह पर अरबी में लिखे अभिलेखों में भी इस बात का उल्लेख किया गया है। यह  लिखा है कि 27 मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है। यह ऐतिहासिक तथ्य है। 

के. के. मोहम्मद ने बताया कि कुतुब मीनार सिर्फ भारत में ही नहीं बनाया गया बल्कि इससे पहले समरकंद और गुफारा में भी बनाया गया था। आपको बता दें कि के.के. मोहम्मद आर्कियोलाजी सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व रीजनल डायरेक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले इस बात का पता लगाया था कि बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष हैं। उनका रिसर्च पहली बार 1990 में प्रकाशित हुआ था। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जो फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया उसमें के.के. मोहम्मद के रिसर्च की अहम भूमिका का रही। जानकारों का मानना है कि उनकी रिसर्च इस फैसला का एक बड़ा आधार बनी।