कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की ओर से आयोजित वेटरनरी ऑफिसर्स की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में कर्नाटक पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया। गंगवार वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें KPSC द्वारा आयोजित वेटरनरी ऑफिसर्स की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में घंटों पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ज्ञानेंद्र कुमार, जो गड़बड़ियों के समय KPSC में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) के तौर पर काम कर रहे थे, पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें हिरासत में लिया गया।
ज्ञानेंद्र कुमार हाल ही में तब चर्चा में आए थे जब वे 20 अगस्त से दो दिनों तक संपर्क से बाहर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने सरकार से संपर्क किया। 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु में उनके घर की तलाशी ली थी।
जुलाई में CID को सौंपी गई थी जांच
यह मामला शुरू में विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, लेकिन 28 जुलाई को इसे CID को सौंप दिया गया। यह शिकायत मंजूनाथ ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने पशुपालन विभाग के लिए वेटरनरी ऑफिसर्स की भर्ती में KPSC अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जांच अपने हाथ में लेने के बाद CID ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी क्रम में गंगवार से भी कई घंटे तक पूछताछ की गई।
इसके कुछ ही दिनों बाद, 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी ली थी। हालांकि, मौजूदा CID हिरासत KPSC की वेटरनरी ऑफिसर्स की परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में है।
CID की जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सहयोग नहीं करने के बाद गंगवार को हिरासत में लिया गया। CID अब भर्ती परीक्षा की पूरी प्रक्रिया, उससे जुड़े अधिकारियों की भूमिका और कथित अनियमितताओं के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल, मामले में जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों एवं अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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