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लिव-इन रिलेशन पर रहने वाले कपल पर सरकार की नजर, मिलेगा शादीशुदा का दर्जा, जनगणना में शामिल होंगे अहम सवाल

 Published : Apr 15, 2026 07:01 am IST,  Updated : Apr 15, 2026 07:15 am IST

जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। यह चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस बार जनगणना में लिव-इन-रिलेशन पर रहने वाले कपल पर सरकार खास नजर रख रही है। इसके लिए अलग से सवाल पूछे जाएंगे।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FREEPIK

आगामी जनगणना में लिव-इन रिलेशन में रहने वाले कपल को लेकर सरकार विशेष प्रावधान करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, ऐसे कपल्स को जनगणना के दौरान अलग से चिन्हित किया जाएगा और उन्हें वैवाहिक स्थिति से जुड़े वर्ग में शामिल करते हुए कुछ जरूरी सवाल पूछे जाएंगे। इसका उद्देश्य देश में बदलते सामाजिक ढांचे और पारिवारिक व्यवस्था के नए स्वरूप का सटीक आंकलन करना है।

जनगणना प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों द्वारा लिव-इन रिलेशन में रह रहे जोड़ों से उनके साथ रहने की अवधि, पारिवारिक संरचना, बच्चों की स्थिति और आर्थिक व्यवस्था से जुड़े सवाल किए जा सकते हैं। इससे सरकार को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लिव-इन संबंधों की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

माना जाएगा शादीशुदा कपल के रूप में

जनगणना के पहले चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग एनुमरेशन) में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू है। इनमें परिवार की संरचना, रिश्तों और घरेलू जानकारी से जुड़े सवाल शामिल हैं। लिव-इन कपल्स के लिए विशेष रूप से यह सवाल उठाया गया था कि क्या उन्हें शादीशुदा माना जाएगा? जवाब में स्पष्ट है कि अगर वे अपने रिश्ते को स्थिर बंधन मानते हैं, तो उन्हें शादीशुदा कपल के रूप में माना जाना चाहिए।

केवल सांख्यिकीय उद्देश्य के लिए किया जा रहा ऐसा

यह बदलाव मुख्य रूप से डेटा संग्रह के लिए है, ताकि देश की बदलती सामाजिक वास्तविकता को सही ढंग से कैद किया जा सके। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सांख्यिकीय उद्देश्य के लिए है और इससे कपल्स को कानूनी रूप से शादीशुदा होने के अधिकार (जैसे उत्तराधिकार, संपत्ति या पति-पत्नी के कानूनी लाभ) नहीं मिलेंगे।

उत्तराखंड में पहले ही शुरू

उत्तराखंड में तो यह प्रक्रिया पहले ही लागू होने जा रही है। यहां लिव-इन में रह रहे कपल्स को स्वगणना के दौरान विवाहित दर्ज कराने की छूट दी गई है। खासकर अगर वे भविष्य में शादी करने की योजना बना रहे हों या रिश्ता लंबे समय का हो।

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