नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा है कि भारत का आतंकवादी हमलों को युद्ध की तरह मानने का नया दृष्टिकोण हमारी रणनीति को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की ताकत और तत्परता की तारीफ की, जिसने पश्चिमी पड़ोसी देश यानी कि पाकिस्तान को शांति के लिए मजबूर किया। यह बात उन्होंने 27 जून 2025 को नई दिल्ली के नौसेना भवन में आयोजित नौसेना सम्मान समारोह में कही। इस मौके पर एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि आज का वैश्विक सुरक्षा माहौल जटिल और तेजी से बदल रहा है।
एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद को युद्ध की तरह लेने का फैसला किया। इस नीति ने नौसेना के ऑपरेशनल नजरिए को नया आयाम दिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय नौसेना के जहाज, पनडुब्बियां और विमान पूरी तरह तैयार थे। इनकी तैनाती ने समुद्री क्षेत्र में हमारी ताकत और इरादे को दिखाया। नौसेना प्रमुख ने कहा, 'हमारी तेज और संतुलित कार्रवाई ने न केवल हमारी रणनीतिक ताकत और समुद्री दबदबे को दिखाया, बल्कि हमारे पश्चिमी पड़ोसी को शांति के लिए मजबूर किया।' नौसेना प्रमुख ने कहा कि दुनिया भर में चल रहे संघर्षों ने नौसेना के काम की जिम्मेदारी, विविधता और जटिलता को बढ़ा दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में भारतीय नौसेना की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
यह समारोह पहली बार नए बने नौसेना भवन में आयोजित हुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण था। इस दौरान नौसेना प्रमुख ने कई वीर जवानों को सम्मानित किया। कमोडोर कार्तिक श्रीमल को युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया, जिन्होंने ऑपरेशन संकल्प के दौरान पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में असाधारण नेतृत्व दिखाया। इसके अलावा, नौसेना मेडल (वीरता), नौसेना मेडल (कर्तव्य निष्ठा) और विशिष्ट सेवा मेडल भी कई नौसैनिकों को दिए गए, जिन्होंने नेतृत्व, पेशेवर उपलब्धियाँ और उच्च कोटि की सेवा का प्रदर्शन किया।
एडमिरल त्रिपाठी ने ऑपरेशन संकल्प का भी जिक्र किया, जिसे दिसंबर 2023 में शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने लाल सागर, अदन की खाड़ी, उत्तरी अरब सागर और सोमालिया के पूर्वी तट पर समुद्री डकैती, ड्रोन हमलों और मिसाइल हमलों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में नौसेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का शानदार प्रदर्शन किया था। एडमिरल त्रिपाठी ने समारोह में सम्मानित नौसैनिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर नौसेना की 'आग में भी साहस' और 'स्वयं से पहले सेवा' की भावना का प्रतीक है। उन्होंने नौसैनिकों के बलिदान और समर्पण की सराहना की, जो देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करते हैं। (PTI)
संपादक की पसंद