नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराज्यीय फार्मास्यूटिकल ड्रग्स डायवर्जन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20.10 करोड़ रुपये मूल्य की 25 अचल संपत्तियों को फ्रीज कराने के आदेश की पुष्टि हासिल कर ली है। इन संपत्तियों में औद्योगिक भूखंड, व्यावसायिक इकाइयां, दुकान-ऑफिस और आवासीय फ्लैट शामिल हैं। एनसीबी ने 30 अक्टूबर 2026 को NDPS एक्ट की धारा 68F(2) के तहत NCB के 2 अक्टूबर को जारी फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की।
7 राज्यों तक फैला था नशीली दवाओं का नेटवर्क
NCB की जांच में सामने आया कि प्रतिबंधित और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री से मिलने वाली रकम को जांच के दायरे में आई कंपनियों के बैंक खातों के जरिए इधर से उधर किया गया। आरोपियों ने अपने और अपने परिवार केनाम पर खरीदी गई संपत्तियों के लिए आय के वैध स्रोत भी साबित नहीं किए। फ्रीज की गई संपत्तियां मोहाली के गिल्को इंडस्ट्रियल पार्क, मोहाली सिटी सेंटर-3, मोहाली सिटी सेंटर वॉक, जनता इंडस्ट्रियल एस्टेट, गैलेक्सी हाइट्स-2 और क्वीनस्टाउन समेत कई स्थानों पर हैं।
यह मामला 7 फरवरी 2025 को अमृतसर में पांच हजार ट्रामाडोल टैबलेट की जब्ती के बाद सामने आया था। टैबलेट की पैकेजिंग पर निर्माता कंपनी M/s J R Pharmaceuticals, हरिद्वार और मार्केटिंग कंपनी M/s Tiwari Medical Agencies, देहरादून का नाम दर्ज था। जांच में पता चला कि मार्केटिंग कंपनी का वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। इसके बाद NCB ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दवाओं की सप्लाई चेन की पड़ताल शुरू की। जांच में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय कंपनियों के नेटवर्क का पता चला, जो कथित तौर पर गैर-मौजूद संस्थाओं के नाम पर दवाओं की सप्लाई कर अवैध कारोबार चला रहा था।
34 लाख टैबलेट और 10.57 लाख कफ सिरप की बोतलें जब्त
इस मामले में अब तक करीब 34 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट, कोडीन आधारित कफ सिरप की 10.57 लाख बोतलें, 50 हजार ट्रामाडोल एम्प्यूल, 5 हजार मिडाजोलम वायल और करीब 2,200 किलोग्राम साइकोट्रॉपिक पाउडर जब्त किया जा चुका है। इसमें कच्चा माल और तैयार दवाएं भी शामिल हैं। जांच के दौरान 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। NCB के मुताबिक, यह नेटवर्क पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों तक फैला हुआ था।
तीन आरोपी फरार, सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
जांच में हिमाचल प्रदेश के काला अंब स्थित M/s Digital Vision और M/s Vellinton Healthcare से बड़ी मात्रा में साइकोट्रॉपिक दवाएं और कच्चा माल बरामद किया गया। NCB के मुताबिक, अंबाला कैंट निवासी कोनिक गोयल, मैनिक गोयल और उनके पिता परशोत्तम लाल गोयल अब भी फरार हैं। बार-बार समन और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। तीनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी हैं।
NCB ने कहा है कि उसकी कार्रवाई केवल नशीली दवाओं की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क और उसे आर्थिक मदद पहुंचाने वाले तंत्र को निशाना बनाया जा रहा है। एजेंसी ने आम लोगों से ड्रग्स तस्करी से जुड़ी जानकारी राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 (MANAS) पर देने की अपील की है। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।