ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले के तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। एक महिला और उसके बेटे ने पुलिस कर्मियों पर थर्ड डिग्री टॉर्चर, मारपीट और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने कड़ा कदम उठाते हुए तालचुआ मरीन थाना की प्रभारी संध्यारानी जेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, शिकायत करने वाली महिला की पहचान अन्नपूर्णा मंडल और उनके बेटे अनंत मंडल के रूप में हुई है। दोनों ने आरोप लगाया है कि पारिवारिक विवाद के मामले में उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाया गया था, लेकिन वहां उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि अन्नपूर्णा मंडल के पति ने घरेलू विवाद को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर महिला कांस्टेबल संध्यारानी जेना ने अन्नपूर्णा मंडल और उनके बेटे को थाने बुलाया। आरोप है कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे से दोनों को आधी रात तक पुलिस स्टेशन में रोके रखा गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज की और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। अन्नपूर्णा मंडल ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन के अंदर उन्हें लाठियों से पीटा गया।
बेटे के सामने लाठियों से मारा- महिला
अन्नपूर्णा मंडल ने कहा, “उन्होंने मुझे लाठियों से मारा। बार बार पूछा जा रहा था कि मैं अपने ससुर और पति की बात क्यों नहीं मान रही हूं। इसी बात को लेकर लगातार पीटा गया।” महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके बेटे के सामने ही आधे कपड़ों की स्थिति में उनके साथ मारपीट की। इस आरोप के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल
इन आरोपों के सामने आने के बाद पूरे इलाके में पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। खासकर घरेलू विवाद जैसे मामलों में लोगों के साथ थाने में किस तरह का व्यवहार किया जाता है, इसको लेकर चर्चा तेज हो गई। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की भी मांग उठाई है, ताकि यह पता चल सके कि कथित तौर पर हिरासत के दौरान आखिर क्या हुआ था।
पुलिस मुख्यालय ने की बड़ी कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद ओडिशा पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई की। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक ने तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन की प्रभारी इंस्पेक्टर संध्यारानी जेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि इंस्पेक्टर संध्यारानी जेना के खिलाफ गंभीर कदाचार और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
आदेश में कहा गया, “जनहित को ध्यान में रखते हुए पीएमआर-1940 के नियम 840 के तहत इंस्पेक्टर संध्यारानी जेना, IIC तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन, केंदापाड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।” निलंबन अवधि के दौरान संध्यारानी जेना पुलिस महानिरीक्षक (IGP), सेंट्रल रेंज, कटक के अनुशासनात्मक नियंत्रण में रहेंगी। उन्हें ओडिशा सर्विस कोड के नियम 90 के तहत मिलने वाला भत्ता और महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
पुलिस विभाग ने दिया सख्त संदेश
राज्य पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की ओर से एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। खासकर उन अधिकारियों के लिए जो थानों में जिम्मेदार पदों पर तैनात हैं। तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन केंद्रापड़ा जिले के समुद्री और तटीय सुरक्षा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और इसे संवेदनशील थाना माना जाता है। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सच सामने आता है और दोषियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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