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ऑपरेशन सिंदूर नौसेना की युद्ध तैयारी का प्रदर्शन, पाक बेड़े को बंदरगाहों तक सीमित कर दिया : नौसेना प्रमुख

 Published : Nov 30, 2025 08:49 pm IST,  Updated : Nov 30, 2025 08:54 pm IST

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “जब वैश्विक समुद्र अशांत होते हैं और वहां उथल-पुथल मची होती है, तो दुनिया एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की तलाश करती है। भारत यह भूमिका निभा सकता है और समुद्र में भारतीय नौसेना की गतिविधियां इस ज़िम्मेदारी को दर्शाती हैं।”

Navy chief- India TV Hindi
एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, नौसेना प्रमुख Image Source : PTI

पुणे: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय नौसेना की निरंतर युद्ध की तैयारी को प्रदर्शित किया। इसके तहत पहलगाम हमले के बाद त्वरित तैनाती, हथियारों की फायरिंग और आक्रामक युद्धाभ्यास के साथ पाकिस्तानी बेड़े को उसके बंदरगाहों के भीतर ही सीमित कर दिया गया। 

 भारत एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की तरह

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “जब वैश्विक समुद्र अशांत होते हैं और वहां उथल-पुथल मची होती है, तो दुनिया एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की तलाश करती है। भारत यह भूमिका निभा सकता है और समुद्र में भारतीय नौसेना की गतिविधियां इस ज़िम्मेदारी को दर्शाती हैं।” एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी  नौसेना फाउंडेशन पुणे चैप्टर द्वारा आयोजित ‘भू-राजनीति, प्रौद्योगिकी और रणनीति के निरंतर प्रवाह के बीच भारतीय नौसेना की गति’ विषय पर एडमिरल जेजी नाडकर्णी स्मारक व्याख्यान दे रहे थे। 

हम हमेशा युद्ध के लिए तैयार-एडमिरल त्रिपाठी

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “भारतीय नौसेना अपनी युद्ध की तैयारी के लिए जानी जाती है और हम हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहते हैं, भले ही वे बहुत कम हों। लेकिन अब क्या बदल गया है? आज, युद्ध बिना किसी पूर्व सूचना के हो रहे हैं और यह हमारी स्थिति और तैयारी के लिए निरंतर तत्परता का प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर इस संबंध में एक उत्कृष्ट उदाहरण है।” 

पहलगाम हमले के तुरंत बाद एक्टिव हुई नौसेना

उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन ने नौसेना की निरंतर तैयारी को प्रदर्शित किया, जिसमें हमारे जहाजों की त्वरित तैनाती, नृशंस पहलगाम हमले के 96 घंटों के भीतर कई हथियारों से गोलाबारी, आक्रामक युद्धाभ्यास और उत्तरी हिंद महासागर में ‘कैरियर बैटल ग्रुप’ की उपस्थिति के दबाव ने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तानी नौसेना अपने तट के करीब या अपने बंदरगाहों के भीतर बनी रहे।” कैरियर बैटल ग्रुप एक नौसैनिक समूह है जिसमें एक या अधिक विमान वाहक के साथ-साथ अन्य युद्धपोत जैसे विध्वंसक, फ्रिगेट और पनडुब्बियां शामिल होती हैं। 

हम समुद्र में भी बेहद ताकतवर हैं-एडमिरल त्रिपाठी

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना द्वारा प्रदर्शित की गई तैयारी से देश की अपने हितों की रक्षा करने की क्षमता के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर समुद्र से भी जबरदस्त ताकत उपलब्ध कराने की क्षमता का स्पष्ट संदेश गया है। भारत ने इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद मई में ऑपरेशन सिंदूर सैन्य अभियान शुरू किया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। नौसेना प्रमुख ने कहा कि आज, गैर-सरकारी तत्व और समूह भी हिंसा और गोलाबारी कर रहे हैं, जो पहले केवल राष्ट्रों से संबंधित थे। उन्होंने कहा, “गैर-पारंपरिक खतरे के दायरे में अब ऐसे हथियार, रणनीति और इरादे शामिल हैं जो राष्ट्र-स्तरीय संघर्षों को प्रतिबिंबित करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि समुद्र में जाने वाली हमारी सभी इकाइयां यथासंभव युद्ध के लिए तैयार रहें और साथ ही समुद्र में अन्य पुलिस और नौसैनिक भूमिकाओं के लिए भी तैयार रहें।” 

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की रक्षा कर रही है तथा चालक दल की राष्ट्रीयता या पोत के झंडे के भेदभाव के बिना समुद्री डकैती से लेकर समुद्री आपात स्थितियों तक की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने कहा, “जब वैश्विक समुद्र में उथल-पुथल होती है, तो विश्व एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की तलाश करता है। भारत यह भूमिका निभा सकता है, और समुद्र में भारतीय नौसेना की कार्रवाई इस जिम्मेदारी को दर्शाती है।” (इनपुट-भाषा)

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