1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मां-बाप को परेशान करने वालों की खैर नहीं, सैलरी से पैसा काट लेगी इस राज्य की सरकार, पास हुआ बिल

मां-बाप को परेशान करने वालों की खैर नहीं, सैलरी से पैसा काट लेगी इस राज्य की सरकार, पास हुआ बिल

 Reported By: T Raghavan, Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Mar 30, 2026 10:06 am IST,  Updated : Mar 30, 2026 10:06 am IST

इस बिल का दायरा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। इसमें प्राइवेट कर्मचारियों, अफसरों और जन प्रतिनिधि जैसे विधायक, MLC, पार्षद, निगम पार्षद और सरपंच तक को भी शामिल किया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PEXELS

हैदराबाद: कर्मचारियों पर माता-पिता की देखभाल की स्पष्ट जिम्मेदारियां, लापरवाही रोकने के लिए निगरानी तंत्र को कानूनी सहारा देने के मकसद से तेलंगाना सरकार ने रविवार को एक अहम बिल पास किया है। सरकार ने कहा कि ये कानून सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मील का पत्थर बनेगा। बुजुर्ग नागरिकों के कल्याण और गरिमा को मज़बूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए, तेलंगाना विधानसभा ने 'तेलंगाना कर्मचारी दायित्व और माता-पिता की देखभाल निगरानी बिल, 2026' पारित कर दिया है। इस बिल को समाज कल्याण मंत्री अड्लूरी लक्ष्मण कुमार ने पेश किया था।

प्राइवेट कर्मचारी, अफसर और जन प्रतिनिधि भी दायरे में

स्पीकर की सहमति से मंज़ूर किया गया यह बिल, बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों और भलाई की रक्षा के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करना चाहता है। यह पारिवारिक जिम्मेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। खास बात है कि इसका दायरा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। इस बिल में प्राइवेट कर्मचारियों, अफसरों और जन प्रतिनिधि जैसे विधायक, MLC, पार्षद, निगम पार्षद और सरपंच तक को शामिल किया गया है। 

इस बिल में क्या-क्या है?

  1. यह कानून कर्मचारियों पर अपने माता-पिता की देखभाल और भरण-पोषण के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। यह बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और वित्तीय सुरक्षा जैसे ज़रूरी पहलुओं को सुनिश्चित करने में जवाबदेही अनिवार्य बनाता है।
  2. लापरवाही के मामलों से निपटने के लिए भी प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसमें ऐसे तंत्र बनाए गए हैं जो अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने और नियमों का पालन करवाने में सक्षम बनाते हैं।
  3. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बिल माता-पिता को अपने बच्चों से भरण-पोषण मांगने का अधिकार देता है और शिकायत निवारण के लिए एक औपचारिक तंत्र प्रदान करता है।
  4. नए बिल में यह प्रावधान है कि जो कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करते पाए जाएंगे, उनकी कुल सैलरी से 15% या 10,000 रुपये, जो भी कम हो, वह काटा जाएगा। कटौती की गई रकम उनके माता-पिता को दी जाएगी।
  5. सरकार का दावा है कि यह बिल बुजुर्गों को बेसहारा छोड़ने और उनकी उपेक्षा करने से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को दूर करेगा, साथ ही पारिवारिक व्यवस्था के नैतिक और सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत करेगा।

बिल पेश करते हुए मंत्री ने क्या कहा?

इस अवसर पर बोलते हुए कल्याण मंत्री लक्ष्मण कुमार ने कहा कि अपने माता-पिता की देखभाल करना एक बुनियादी नैतिक कर्तव्य है। "बदलते सामाजिक परिवेश के साथ, पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों पर दबाव पड़ रहा है। इसलिए इन जिम्मेदारियों को कानूनी सहारा देना अनिवार्य हो गया है। यह कानून मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से आगे बढ़ाया गया है। मंत्री ने आगे कहा कि कानून के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रभावित बुजुर्ग नागरिकों को समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए शिकायतें प्राप्त करने और उनका समाधान करने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली लागू की जाएगी।

कानून का उद्देश्य और बुजुर्गों की उम्मीद

पारिवारिक उपेक्षा के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में उम्मीद है कि यह कानून पूरे समाज में जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना को बढ़ावा देगा। कर्मचारियों से परे, यह परिवारों के लिए एक व्यापक नैतिक और कानूनी मानक के रूप में काम करने की संभावना है।  बिल के पारित होने को गर्व का विषय बताते हुए, मंत्री लक्ष्मण कुमार ने बुजुर्गों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून तेलंगाना में पारिवारिक ढांचों को मजबूत करने में योगदान देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि वरिष्ठ नागरिक गरिमा और देखभाल के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत