1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Teachers' Day पर PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद, बोले- 'बचपन मरने नहीं देना है'

Teachers' Day पर PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद, बोले- 'बचपन मरने नहीं देना है'

 Written By: Amar Deep
 Published : Sep 05, 2026 10:31 am IST,  Updated : Sep 05, 2026 10:54 am IST

शिक्षक दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नेशनल टीचर्स अवार्ड्स विनर्स से बात की। इस मौके पर उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बचपन मरने नहीं देना चाहिए। बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है। टीचर का काम है कि उसके भीतर का बचपन बना रहे।

PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद।- India TV Hindi
PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद। Image Source : X/NARENDRAMODI

नई दिल्ली: आज 5 सितंबर है, इस दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर पीएम मोदी ने नेशनल टीचर्स अवार्ड्स विनर्स से बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण पर चर्चा की। पीएम मोदी ने शिक्षकों से संवाद के दौरान कहा, "हो सकता है एक-आध बच्चा शिक्षा में ठीक नहीं होगा, लेकिन परमात्मा ने हर एक को कोई ना कोई ताकत दी होती है। क्या आप लोग उसके टैलेंट को पहचानने के लिए कोई कोशिश करते हैं?" इस पर शिक्षकों ने कहा कि हम बहुत सारी कोशिश करते हैं। इनफैक्ट वही हमारी कोशिश होती है कि क्योंकि मेरा मानना है कि हमारे विद्यालय में या हमारी कक्षा में जितने बच्चे हैं उन सभी में अलग-अलग खूबी है, अलग-अलग टैलेंट है, अलग-अलग चैलेंज है और एक शिक्षक के नाते उन सारे टैलेंट्स को आइडेंटिफाई किया जाता है।

'महिलाएं खुद सामने आकर करा रहीं चेकअप'

एक शिक्षक ने कहा, "मेरा शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी एक ऐसा विषय है, जिसमें महिलाएं बात करने से बहुत हिचकती हैं। कुछ चीजें हमारी कैपेसिटी में हैं, जो हम कर सकते हैं, जैसे कि महिलाएं कम से कम पहचान सकें कि उन्हें एक डॉक्टर्स की सलाह की जरूरत है। हम बेसिकली ब्रेस्ट कैंसर वाले इश्यूज को लेकर हाइजींस पर काम कर रहे हैं।" इस पर पीएम मोदी ने कहा, "आप इसी विषय में काम कर रही हो तो मैं काशी का सांसद हूं। तो मैंने वहां एक अभियान लिया, ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस का। मुझे बहुत खुशी है कि इन दिनों महिलाएं सामने से आकर के अपने विषय में चेकअप कराती हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दूसरा एक अच्छा अनुभव आया जब एक दिन में मैक्सिमम लोगों का चेकिंग करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने रजिस्टर किया।"

"एडिक्शन बन गया है स्क्रीन टाइम"

पीएम मोदी ने कहा, "स्क्रीन टाइम एक विषय है और अब ये एक प्रकार का एडिक्शन है। मेरे मन में एक विचार आता है कि अगर बच्चा खेलकूद के अंदर बहुत रुचि लेने लग जाए। यानी एक्चुअली मैदान में वो खेलना शुरू करे तो धीरे-धीरे वह उसमें से बाहर आ सकता है। ऐसे में क्रिएटिविटी की तरफ हम बच्चों को जितना ज्यादा जोड़ेंगे और हमने ऐसे कुछ ना कुछ कार्यक्रमों की रचना को आदत बनानी चाहिए।"

"बचपन मरने नहीं देना चाहिए"

आखिर में PM मोदी ने कहा, "मैं बात तो आप लोगों से कर रहा हूं, लेकिन एक प्रकार से मैं पूरे शिक्षा जगत से ये कहना चाहता हूं कि हमें बहुत पहले से ज्यादा किताबों से बाहर निकल कर के, सिलेबस से बाहर निकल कर के, बच्चों की जिंदगी में घुसना पड़ेगा। बचपन मरने नहीं देना चाहिए। बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है। टीचर का काम है कि उसके भीतर का बचपन बना रहे। साथियों, मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत बधाई है। बहुत शुभकामनाएं हैं।"

यह भी पढ़ें-

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स के बीच हुआ ध्वस्तीकरण

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत