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पीएम मोदी ने लाल किले से RSS की जमकर की तारीफ, कहा-संघ की 100 साल की यात्रा पर हमें गर्व

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Aug 15, 2025 01:40 pm IST,  Updated : Aug 15, 2025 01:40 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तारीफ करते हुए कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा पर हमें गर्व है।

PM Modi- India TV Hindi
पीएम मोदी Image Source : PTI

नई दिल्ली: नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 साल पूरा होने का उल्लेख किया और कहा कि इस संगठन की राष्ट्रसेवा की यात्रा पर देश गर्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है और यह प्रेरणा देता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ।  100 साल की राष्ट्र की सेवा एक बहुत ही गौरवपूर्ण कार्य है। व्यक्ति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर मां भारती के कल्याण के लिए लाखों स्वयंसेवकों ने अपना जीवन समर्पित किया।’’ 

दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ

उनका कहना था, ‘‘यह एक प्रकार से दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। 100 साल का समर्पण का इतिहास है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘आज लाल किले की प्राचीर से 100 साल की इस राष्ट्रसेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्मरण करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 साल की भव्य, समर्पित यात्रा पर देश गर्व करता है।

 25 सितंबर 1925 को हुई थी स्थापना

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 25 सितंबर 1925 को हुई थी और अगले वर्ष संगठन अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ की सराहना को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

नागपुर में रखी गई थी आरएसएस की नींव

27 सितंबर, 1925 को विजयादशमी के दिन महाराष्ट्र के नागपुर शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार थे, जो एक चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने हिंदू समुदाय को संगठित, अनुशासित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से संघ की नींव रखी।

व्यक्ति निर्माण पर जोर देता है संघ

संघ व्यक्ति निर्माण पर जोर देता है, जिसके माध्यम से ऐसे चरित्रवान और देशभक्त नागरिक तैयार किए जा सकें जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। आरएसएस खुद को एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन बताता है, न कि एक राजनीतिक दल। हालांकि, इसके कई स्वयंसेवक और पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में सक्रिय हैं। आरएसएस विभिन्न आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप और सूखे के समय राहत और पुनर्वास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है। 

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